Purqazi Assembly Seat: बीजेपी ने बसपा से छीनी थी सीट, प्रमोद बरकरार रख पाएंगे कब्जा?

पुरकाजी विधानसभा सीट मुजफ्फरनगर जिले की सुरक्षित सीट है. इस सीट से बीजेपी के प्रमोद उटवाल विधायक हैं. प्रमोद के सामने इस बार सपा-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवार अनिल कुमार की चुनौती होगी.

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संदीप सैनी

  • मुजफ्फरनगर,
  • 23 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:28 AM IST
  • मुजफ्फरनगर जिले की सुरक्षित सीट है पुरकाजी विधानसभा
  • पुरकाजी सीट से विधायक हैं बीजेपी के प्रमोद उटवाल

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक विधानसभा सीट है पुरकाजी विधानसभा सीट. पुरकाजी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित है. पुरकाजी को अंग्रेजों के जमाने से ही टाउन एरिया का दर्जा मिला हुआ है. सूली बाग भी इसी विधानसभा क्षेत्र में है जहां अंग्रेजों ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ जैसे शहरों से करीब पांच सौ स्वतंत्रता सेनानियों को पकड़ कर फांसी के फंदे पर लटका दिया था. कहा जाता है कि एक बार अंग्रेजी सेना की एक टुकड़ी यहां से गुजर रही थी. उसी दौरान स्वतंत्रता सेनानियों ने हमला कर गोला-बारूद, हथियार लूटकर जमीन में दबा दिए थे. 1996 में एक किसान के खेत से तीन तोप निकले थे.

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पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव में उत्तम चीनी मिल है. लक्सर रोड पर CETC मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप है. यहां का मुख्य व्यवसाय लकड़ी की आढ़त और कोल्हू है. बताया जाता है कि पुरकाजी नगर पंचायत में हाईस्कूल की शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी स्कूल नहीं हैं. आठवीं के बाद बच्चों को अन्य स्थान का रुख करना पड़ता है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

पुरकाजी विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो ये सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद सुरक्षित घोषित कर दी गई थी. 2012 के चुनाव से पुरकाजी विधानसभा सीट अस्तित्व में आई. 2007 के चुनाव तक पुरकाजी, बघरा विधानसभा सीट का भाग हुआ करता था. पुरकाजी विधानसभा सीट के सुरक्षित घोषित होने के बाद हुए पहले चुनाव यानी 2012 में यहां से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार को जीत मिली थी. बसपा के अनिल कुमार ने 2012 में यहां से कांग्रेस के दीपक कुमार को 8908 वोट से हराया था

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2017 का जनादेश

पुरकाजी विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने अपने निवर्तमान विधायक अनिल कुमार को ही उम्मीदवार बनाया. बसपा के अनिल के सामने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रमोद उटवाल और कांग्रेस ने दीपक कुमार को उतारा. समाजवादी पार्टी (सपा) से उमाकिरण और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) से छोटी देवी मैदान में थीं. बीजेपी के प्रमोद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के दीपक को 11 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था. बसपा के अनिल तीसरे स्थान पर रहे थे.

सामाजिक ताना-बाना

पुरकाजी विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो ये सीट अनुसूचित जाति की बहुलता वाली सीट में गिनी जाती है. अनुमानों के मुताबिक यहां दलित मतदाताओं की तादाद सबसे अधिक है. जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, पाल, कश्यप, त्यागी, ठाकुर और वैश्य मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. यहां मुस्लिम और सिख मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

पुरकाजी विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के प्रमोद उटवाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. 55 साल के प्रमोद को बीजेपी ने फिर से उम्मीदवार बनाया है. दूसरी तरफ, बसपा से विधायक रहे अनिल कुमार इस दफे सपा-आरएलडी गठबंधन से किस्मत आजमा रहे हैं. कांग्रेस ने दीपक कुमार पर भरोसा बरकरार रखा है. मुजफ्फरनगर जिले की इस सीट के लिए पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है.

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