Katehari Assembly Seat: 2017 में भी जीती थी बसपा, 1991 के बाद यहां कभी नहीं खिल पाया कमल

कटेहरी विधानसभा सीट बसपा का गढ़ है. पिछले छह विधानसभा चुनाव में से पांच बार इस सीट से बसपा के उम्मीदवार जीते हैं. कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में 1991 के चुनाव को छोड़कर बीजेपी को जीत नहीं मिल सकी है.

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यूपी Assembly Election 2022 कटेहरी विधानसभा सीट यूपी Assembly Election 2022 कटेहरी विधानसभा सीट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST
  • अंबेडकरनगर जिले की सीट है कटेहरी विधानसभा
  • बसपा के लालजी वर्मा हैं कटेहरी सीट से विधायक

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की एक विधानसभा सीट है कटेहरी विधानसभा सीट. अंबेडकरनगर जिले का कटेहरी एक कस्बा भी है. कटेहरी ब्लॉक भी है. अकबरपुर कस्बे से कटेहरी की दूरी करीब 11 किलोमीटर, टांडा से 25, जलालपुर से 32 और बसखरी कस्बे से कटेहरी करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर है. इस इलाके में उद्योग-धंधों का अभाव है. कटेहरी इलाके के लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं. रोजगार की तलाश में यहां के युवाओं को महानगरों की ओर पलायन करना पड़ता है.

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राजनीतिक पृष्ठभूमि

कटेहरी विधानसभा सीट बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का मजबूत गढ़ है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बस एक दफे 1991 के विधानसभा चुनाव में जीत नसीब हुई है. 1991 के बाद हुए छह में से पांच दफे इस सीट पर बसपा के उम्मीदवारों को ही जीत मिली है. चुनावी अतीत की बात करें तो इस सीट से 1977 और 1985 में जनता पार्टी, 1989 में जनता दल के टिकट पर रवींद्र नाथ तिवारी विधायक निर्वाचित हुए थे. 1991 में बीजेपी के अनिल कुमार तिवारी जीते थे.

कटेहरी विधानसभा सीट से 1993 में पहली दफे बसपा के उम्मीदवार को जीत मिली और तब पार्टी के रामदेव वर्मा विजयी रहे थे. इसके बाद 1996, 2002 और 2007 में लगातार तीन दफे बसपा के धर्मराज निषाद जीते. 2012 में बसपा की जीत के सिलसिले पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने ब्रेक लगाया. 2012 के चुनाव में सपा के शंखलाल मांझी कटेहरी सीट से जीतकर विधानसभा में पहुंचे.

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2017 का जनादेश

कटेहरी विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से हाथी को विजयश्री मिली. बसपा के टिकट पर लालजी वर्मा विधायक निर्वाचित हुए. बसपा के लालजी वर्मा ने बीजेपी के अवधेश कुमार द्विवेदी को 6287 वोट के अंतर से हरा दिया था. सपा के जयशंकर पांडेय तीसरे स्थान पर रहे थे. अजय प्रताप सिंह को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था.

सामाजिक ताना-बाना

कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख से अधिक मतदाता हैं.इस विधानसभा सीट की गिनती उन सीटों में की जाती है जहां दलित मतदाताओं की तादाद अधिक है. कटेहरी विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम तय करने में कुर्मी, राजभर, यादव मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, ठाकुर और मुस्लिम मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

कटेहरी विधानसभा सीट से विधायक लालजी वर्मा विकास के दावे कर रहे हैं. लालजी वर्मा के दावों को विरोधी दलों के नेता हवा-हवाई बता रहे हैं. कटेहरी विधानसभा सीट के लिए यूपी चुनाव के छठे चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में वोट डाले जाने हैं.

 

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