Fatehpur Sikri Assembly Seat: कांग्रेस का था दबदबा, अब जीती है बीजेपी... 2022 में क्या होगा?

फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 1957 में विधानसभा चुनाव हुए थे. तब प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली थी. इसके बाद ये सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ बन गई.

Advertisement
यूपी Assembly Election 2022 फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट यूपी Assembly Election 2022 फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट

अरविंद शर्मा

  • आगरा,
  • 14 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST
  • बीजेपी के चौधरी उदयभान सिंह हैं विधायक
  • बुलंद दरवाजा के लिए प्रसिद्ध है फतेहपुर सीकरी

यूपी के आगरा जिले की एक विधानसभा सीट है फतेहपुर सीकरी. फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट (Fatehpur Sikri Assembly Seat) ऐतिहासिक इमारतों जैसे बुलंद दरवाजा के लिए प्रसिद्ध है. पर्यटन के नक्शे पर भी फतेहपुर सीकरी एक स्थापित नाम है. यूपी की राजधानी लखनऊ से फतेहपुर सीकरी की दूरी 368 किलोमीटर है.

फतेहपुर सीकरी को मुगल सम्राट अकबर ने बसाया था और इसे अकबर के सपनों का नगर कहा जाता है. पहले इसका नाम फतेहबाद था, लेकिन 1573 में अकबर ने यहीं से गुजरात फतह करने के लिए कूच किया था. गुजरात पर विजय पाकर लौटते समय उसने सीकरी का नाम 'फतहपुर' यानी विजय नगरी रख दिया. जिसे आज हम फतेहपुर सीकरी के नाम से जानते हैं.

Advertisement

राजनीतिक पृष्ठभूमि

फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 1957 में चुनाव हुए थे और तब इस सीट से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के स्वामी विश्व वर्धन चुनाव जीते थे. इस सीट से 1962 में कांग्रेस की चम्पावती, 1967 में भारतीय जनसंघ के आर सिंह, 1969 में भारतीय क्रांति दल के रघुनाथ सिंह, 1974 में फिर कांग्रेस की चम्पावती, 1977 और 1980 में जनता पार्टी के बदन सिंह विधायक निर्वाचित हुए.

ये भी पढ़ें- Kushinagar Assembly Seat: 1996 से है इस सीट पर BJP का कब्जा, 2022 में क्या होगा?

फतेहपुर विधानसभा सीट से बदन सिंह 1985 में लोक दल और 1989 में जनता दल के टिकट पर भी विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. 1991 में बीजेपी के उम्मेद सिंह, 1996 में निर्दलीय और 2002 में लोक दल के टिकट पर चौधरी बाबूलाल, 2007 में अपना दल और 2012 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर सूरज पाल सिंह विधायक बने.

Advertisement

2017 का जनादेश

फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव बीजेपी ने चौधरी उदयभान सिंह (Chaudhary Udaybhan singh) को टिकट दिया. बीजेपी के टिकट पर उतरे चौधरी उदयभान सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के सूरज पाल सिंह को 52337 वोट के बड़े अंतर से शिकस्त दी. राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के बृजेश कुमार चाहर तीसरे, समाजवादी पार्टी (सपा) के लाल सिंह लोधी चौथे स्थान पर रहे थे.

सामाजिक ताना-बाना

फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में ओबीसी वोटरों की संख्या ज्यादा है. ये सीट जाट बाहुल्य सीट मानी जाती है और जातीय समीकरण इस सीट का परिणाम निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. यही वजह है कि जाट बाहुल्य इस सीट से 1977 से 2002 तक जाट उम्मीदवार ही विधानसभा पहुंचे. इस विधानसभा क्षेत्र में जाट के साथ ही ब्राह्मण, जाटव, ठाकुर और लोधी जाति के मतदाता भी परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से विधायक चौधरी उदयभान सिंह बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. चौधरी उदयभान सिंह का परिवार तीन पीढ़ी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा है. चौधरी उदयभान सिंह 2014 में भी फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से टिकट के मजबूत दावेदर थे लेकिन तब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था. चौधरी उदयभान सिंह की हर जाति-वर्ग में अच्छी पैठ है.

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement