केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का "संकल्प पत्र" लॉन्च किया. इस दरौान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी लोगों की जरूरतों का सम्मान नहीं किया. यह (घोषणापत्र) पीएम मोदी की गारंटी के बारे में है. प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना राज्य को मजबूत और सशक्त बनाने में मदद के लिए बहुत काम किया है.
गृह मंत्री ने कहा, "2004 से 2014 के दौरान कांग्रेस पार्टी ने 'संयुक्त आंध्र प्रदेश' के लिए हस्तांतरण और अनुदान सहायता के रूप में केवल 2 लाख करोड़ रुपये जारी किए, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने केवल 9 वर्षों में इस राज्य के लिए 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपये जारी किए."
ये हैं बीजेपी के संकल्प पत्र के मुख्य वादे-
-इच्छुक किसानों को निःशुल्क देसी गायें
-महिलाओं के लिए 10 लाख नौकरियां
-आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच
-धरणी योजना की जगह मी भूमि
-केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए विशेष नोडल मंत्रालय
-असंवैधानिक धर्म आधारित आरक्षण हटाएंगे
-नए राशन कार्ड
-केंद्र की खाद पर सब्सिडी के अलावा 2500 रुपए की सहायता
-धान के लिए 3100 रुपये एमएसपी
-टीएसपीएससी परीक्षा यूपीएससी की तरह हर 6 महीने में आयोजित की जाएगी
-निजी स्कूलों की फीस की जांच होगी
-सभी उज्ज्वला लाभार्थियों को सालाना 4 गैस सिलेंडर मुफ्त
-पात्र परिवारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में 10 लाख तक का मुफ्त इलाज
30 नवंबर को होगी वोटिंग
आपको बता दें कि तेलंगाना में एक ही चरण के तहत 30 नवंबर को मतदान होना है. मतगणना तीन दिसंबर को होगी. सत्ताधारी तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को इस बार कांग्रेस और बीजेपी से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में बीआरएस (तब टीआरएस) को 88 सीटें मिली थी, जबकि कांग्रेस को 19, बीजेपी को 1 और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को सात सीटों पर जीत मिली थी.
अपूर्वा जयचंद्रन