खींवसर उपचुनाव: बेनीवाल के विवादित बयान के बाद सियासी जंग, मदेरणा ने पूछा- 'क्या मुझे मर जाना चाहिए'

दिव्या मदेरणा ने हनुमान बेनीवाल के बयान को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "क्या मुझे कुंएं में डूबकर मर जाना चाहिए. सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है, उन्हें बेहद अफसोस हो रहा है कि मैं जिंदा ही कैसे हूं."

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खींवसर उपचुनाव (फाइल फोटो) खींवसर उपचुनाव (फाइल फोटो)

शरत कुमार

  • खींवसर,
  • 07 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:35 PM IST

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में लीडर्स तू-तू, मैं-मैं पर उतर आए है. खींवसर उपचुनाव में हनुमान बेनीवाल कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा पर लगातार हमला बोल रहे हैं. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, "दिव्या मदेरणा के बाप की जो CD आयी थी, जिसे आज भी बच्चे 50-50, 60-60 मिनट चलाकर देखते हैं. वो इधर-उधर घूमते चल रही हैं, उनको तो कुएं में डूबकर मर जाना चाहिए.

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दिव्या मदेरणा ने हनुमान बेनीवाल के बयान को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "क्या मुझे कुंएं में डूबकर मर जाना चाहिए. सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है, उन्हें बेहद अफसोस हो रहा है कि मैं जिंदा ही कैसे हूं. मैं भी समाज की बेटी हूं, बहन बेटी सबकी सांझी होती है. इसलिए संपूर्ण किसान वर्ग से पूछना चाहती हूं कि मैंने ऐसा क्या गुनाह किया कि मुझे कुए में गिरकर मर जाना चाहिए?"

उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि मैंने पूरी ईमानदारी और श्रद्धा से ओसियां और राजस्थान के किसान वर्ग की हमेशा आवाज बुलंद की, क्या यही मेरा गुनाह है? विकट पारिवारिक परिस्थिति में भी मैंने हार नहीं मानी, मैं घर नहीं बैठी, मैंने मेहनत की और जनता से संवाद व जुड़ाव रखा और कारवां बनता चला गया. मैंने संघर्ष किया और यह संदेश देने की कोशिश कि किसान वर्ग की बेटिया भी बखूबी राजनीतिक लड़ाइया लड़ सकती है. मैं राजस्थान के हर किसान से पूछना चाहती हूं कि क्या मुझे मर जाना चाहिए?

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हनुमान बेनीवाल ने क्या कहा था?

बेनीवाल ने ओसियां में चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "दिव्या मदेरणा कह रही है कि रात को 4 बजे लोगों के घर जाकर हाथ जोड़ रहे हैं, तो क्या मैं उसके घर जाकर 4 बजे घंटी बजाया था. वो कहां-कहां जाती हैं, उसके बारे में मुझे क्या मतलब है. ये चुनाव बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बीच हो रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं का आला कमान कोई और है. यहां पर बीजेपी नेताओं को जितवाने के लिए कांग्रेसी लगे हुए हैं. हर जगह कहती रहती हैं कि मेरे पिता और दादा ने ये किया, वो किया. मैं कहता हूं कि इनके पिता और इनके दादा ने इस इलाके के लिए कुछ भी नहीं किया. अगर किये होते तो आज नागौर के लोग दक्षिण भारत में जाकर रोजगार नहीं ढूंढ़ते."

दरअसल, ये सारा झगड़ा तब शुरू हुआ, जब दिव्या मदेरणा ने एक स्पीच में कहा कि जो लोग दूसरे को जिताने का दावा करते थे, वो रात रात भर लोगों के हाथ जोड़ रहे हैं. बेनीवाल ने पहले कहा था कि उन्होंने दिव्या मदेरणा को जिताया था. बेनीवाल और दिव्या मदेरणा की अदावत पुरानी है. मगर खींवसर उपचुनाव में कांग्रेस कहीं नहीं है, फिर भी ये दोनों नेता आपस में भिड़े हुए हैं. 

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यह भी पढ़ें: खींवसर उपचुनाव: प्रचार करने पहुंचे BJP प्रत्याशी का लोगों ने किया विरोध, बीच में ही रोकना पड़ा भाषण

बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल का बीजेपी के रेवतराम डांगा से कड़ा मुकाबला चल रहा है. इस बीच बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा ने दिव्या मदेरणा का समर्थन करते हुए कहा है कि दिव्या मदेरणा सही कह रही हैं कि नागौर के नेता हनुमान बेनीवाल समाज के नाम पर राजनीति करते हैं, मगर समाज के किसी भी नेता को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं.

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