लोग ज्यादा करें मतदान, इसलिए वोटर ID जैसा बनवाया शादी का कार्ड

कर्नाटक विधानसभा के लिए 12 मई को वोट डाले जाने हैं. मूल रूप से हावेरी के रहने वाले सिद्धपा डोडाची कन्नावार की शादी 27 अप्रैल को हंगल में ज्योति से होनी है. सिद्धपा गोवा के वास्को में रेलवे में कार्यरत हैं जबकि ज्योति बीकॉम ग्रेजुएट हैं.

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वोटर आईडी जैसा छपवाया शादी कार्ड वोटर आईडी जैसा छपवाया शादी कार्ड

आशुतोष मिश्रा / खुशदीप सहगल

  • बेंगलुरू,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

लोकतंत्र के उत्सव चुनाव में लोग ज्यादा से ज्यादा मतदान करें, इसके लिए चुनाव आयोग विज्ञापनों के जरिए मुहिम चलाता रहता है. कुछ एनजीओ और सामाजिक संगठन भी इस काम के लिए अभिनव तरीके अपनाते हैं, लेकिन नागरिक खुद कैसे दूसरों को मतदान के लिए प्रेरित कर सकते हैं, इसकी मिसाल कायम की है कर्नाटक में 27 अप्रैल को विवाह करने जा रहे एक जोड़े ने.

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कर्नाटक विधानसभा के लिए 12 मई को वोट डाले जाने हैं. मूल रूप से हावेरी के रहने वाले सिद्धपा डोडाची कन्नावार की शादी 27 अप्रैल को हंगल में ज्योति से होनी है. सिद्धपा गोवा के वास्को में रेलवे में कार्यरत हैं जबकि ज्योति बीकॉम ग्रेजुएट हैं.

सरकारी स्तर पर मिली मंजूरी

सिद्धपा कन्नड भाषा के एक्टिविस्ट भी हैं और गोवा में इसका प्रचार करते हैं. उन्होंने वोटरों में जागरूकता लाने के लिए अपनी शादी का कार्ड वोटर आईकार्ड के अंदाज में बनवाया है. इसके लिए बाकायदा हावेरी के डिप्टी कमिश्नर डॉ वेंकटेश और एसपी डॉ के परशुराम से सभी आवश्यक अनुमति भी ली है.

सिद्धपा ने अपने अनोखे आमंत्रण कार्ड के जरिए इन दोनों अधिकारियों को शादी में आने का निमंत्रण भी दिया है.   

सिद्धपा ने इंडिया टुडे को बताया, 'कर्नाटक चुनाव को देखते हुए मैं लोगों में मतदान के लिए जागरूकता जगाने को कुछ अलग करना चाहता था, इसके लिए मैंने अपने कांस्टेबल दोस्त करिबसप्पा गोंडी और चन्नाबसप्पा से राय ली. करिबसप्पा ने शादी के कार्ड को वोटर आई कार्ड की तरह छपवाने का सुझाव दिया जो सबको बहुत पसंद आया.'

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शादी कार्ड पर राष्ट्रीय चिन्ह

वोटर आई कार्ड और शादी के कार्ड में मुख्य अंतर यह है कि चुनाव आयोग के लोगो की जगह शादी के कार्ड पर देश का राष्ट्रीय चिन्ह है. यूनीक नंबर सिद्धपा और ज्योति के नामों के इनिशियल्स और शादी की तारीख को मिला कर बनाया गया है- ‘SJMRG27042018’. कार्ड में सिर्फ मतदान का संदेश ही नहीं है, बल्कि लोगों को रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया गया है.

सिद्धपा कहते हैं, 'कई देशों में वोट देने के अधिकार से वंचित होने की वजह से लोगों ने इसके लिए मुहिम छेड़ रखी है. वहीं हमारे देश में सभी को इसका अधिकार होने के बावजूद लोग कई लोग वोट डालने नहीं जाते.' सिद्धपा के मुताबिक ये उनका छोटा सा प्रयास है, लेकिन इसे मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से वे बहुत खुश हैं.

 

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