Assembly Election Result 2023 Live Updates: पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है. त्रिपुरा-नगालैंड में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनना तय है. दोनों ही राज्यों में बहुमत हासिल हो चुका है. मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा है जहां पर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है.
पीएम ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस और लेफ्ट साथ मिलकर केरल को लूट रहे हैं...आने वाले वर्षों में भी पूर्वोत्तर की तरह केरल में भी बीजेपी गठबंधन की सरकार बनेगी. नॉर्थ ईस्ट की विजय ने बाकी देश के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर दी है. जनता बार बार भाजपा पर भरोसा जता रही है..हमे सभी को साथ लेकर चलना है....आजादी के इस अमृतकाल में सभी के प्रयास आवश्यक हैं..दोगुनी ताकत से राष्ट्र निर्माण में जुड़े.
पीएम ने कहा कि कुछ लोग बेइमानी भी कट्टरता से करते हैं. आज के चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने छोटा के प्रति अपनी नफरत को फिर जगजाहिर कर दिया. कांग्रेस कह रही है कि ये तो छोटे राज्य हैं...इनके नतीजे उतने मायने नहीं रखते...जब दिल में ही भारत को जोड़ने की बात ना हो....ऐसे बोल निकलते हैं...ये इन राज्यों के लोगों का अपमान है...जनमत का अपमान है. इस मानसिकता ने देश का बहुत नुकसान किया है. जब गरीब के लिए शौचालय बनाए, कांग्रेस ने उसे भी छोटा काम बताया.
पीएम ने कहा कि पहले कठिन लक्ष्यों को भुला दिया जाता था...कोई समाधान की तरफ नहीं देखते थे.....ये कठिनाई मॉडल का हल नहीं करता था...बल्कि लोगों के जीवन को लंबे समय के लिए मुश्किल में डाल देता था. हम सबसे कठिन चीजों को हल करने के लिए कठिन मेहनत करते हैं....तमाम मुश्किलों के बावजूद समाधान के जो भी रास्ते निकलते हैं...उन पर चलने की कोशिश करते हैं......हम ये नहीं देखते कि इस काम को करना कितना मुश्किल होगा.
पीएम मोदी बोले कि त्रिवेणी में बीजेपी की जीत का राज है. भाजपा सरकारों की कार्य संस्कृति, भाजपा कार्यकर्ताओं का सेवा भाव. ये त्रिवेणी मिलकर बीजेपी की शक्ति को 111 गुना बढ़ा देते हैं. हमने देश को नई राजनीति दी है.
पीएम मोदी ने कहा कि इन राज्यों की जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया है. मैं त्रिपुरा मेघालय, नगालैंड के कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं. दिल्ली में या हमारे अन्य इलाकों में बीजेपी का काम करना उतना कठिन नहीं है, जितना नॉर्थ ईस्ट में है. इसलिए यहां के कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं. आप सभी भाजपा कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है. इन चुनाव परिणाम में दुनिया के लिए कई संदेश हैं. आज के नतीजे ये दिखाते हैं कि भारत में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर आस्था है.
कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को एटीएम समझ रखा था. पैसे कमाने पर जोर दिया जाता था. लेकिन अब पूर्वोत्तर में विकास हुआ है, पीएम के मार्गदर्शन में स्थिति बदली है. यहां अब शांति है, हिंसा नहीं है.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले कि पीएम लंबी सोच लेकर, संकल्प लेकर भारत की राजनीति को बदलने का काम कर रहे हैं. पीएम ने अपनी नीतियों से पूर्वोत्तर को आगे बढ़ाने का काम किया है. पीएम ने 50 बार से ज्यादा पूर्वोत्तर का दौरा किया है. वे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पूर्वोत्तर के लिए अलग योजना तैयार की.
बीजेपी दफ्तर में जश्न की तैयारी है. पूर्वोत्तर के राज्यों में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यलय आने वाले हैं. अध्यक्ष जेपी नड्डा तो वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं. थोड़ी देर में यहां पीएम मोदी का संबोधन भी होने वाला है
मेघालय चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. त्रिशंकु विधानसभा की वजह से सीएम संगमा ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की है. उनकी तरफ से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा गया है.
त्रिपुरा-नगालैंड में बीजेपी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा का दिल से शुक्रिया. ये स्थिरता और विकास के लिए वोट है. त्रिपुरा में बीजेपी विकास के लिए आगे भी काम करती रहेगी. सभी कार्यकर्ताओं पर मुझे गर्व है.
त्रिपुरा में मिली करारी हार के बाद CPIM नेता एमवी गोविंदन ने कहा है कि कांग्रेस के साथ किया गया गठबंधन सही फैसला था. कांग्रेस बीजेपी से अकेले नहीं लड़ सकती थी. कांग्रेस का तो पिछले विधानसभा में भी वोट शेयर कम था, लेकिन डील की गई थी क्योंकि बीजेपी के खिलाफ मोर्चा तैयार किया जा रहा था.
पूर्वोत्तर के तीनों राज्य में कांग्रेस स्थिति पतली है. त्रिपुरा-नगालैंड और मेघालय में पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. इस पर आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि कृपया ध्यान दें-मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड के चुनाव में आम आदमी पार्टी नहीं लड़ी, कांग्रेस फिर भी हारी है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, त्रिपुरा में बीजेपी 18 सीट जीत चुकी है. जबकि 15 सीट पर आगे चल रही है. वहीं, सीपीआई (एम) 2 सीटों पर जीत चुकी है. जबकि 9 पर आगे चल रही है. कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है. जबकि टिपरा मोथा पार्टी 8 पर जीत हासिल कर चुकी है. चार पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा टाउन बरदोवाली सीट से चुनाव जीत गए हैं. बीजेपी ने इस बार त्रिपुरा में माणिक साहा के चेहरे पर चुनाव लड़ा है.
मेघालय में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. हालांकि, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा की पार्टी सबसे आगे चल रही है. ऐसे में कोनराड संगमा ने कहा कि हमारी सीटें बहुमत से कम हैं. लेकिन हम अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, जिन्होंने हमें वोट किया, हम उनका धन्यवाद देते हैं.
मेघालय सीएम कोनराड संगमा के भाई जेम्स संगमा चुनाव हार गए हैं. वे दादेंग्रे सीट से चुनाव लड़े थे. उन्हें टीएमसी उम्मीदवार रूपा मारक ने मात दी. कोनराड संगमा काउंटिंग सेंटर जा रहा है. वे भाई की सीट पर री-काउंटिंग की मांग कर रहे हैं.
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, भाजपा जिस तरह से उत्तर पूर्व में जीत प्राप्त कर रही है, उसका एक कारण है कि मोदी जी ने जितना काम किया है वो लोगों तक पहुंच रहा है. चुनाव जीत रहे हैं तो इसका मतलब है कि हम लोगों का विश्वास प्राप्त कर रहे हैं.
नगालैंड में 60 साल में पहली बार महिला विधायक चुनी गई है. एनडीपीपी की उम्मीदवार हेकानी जाखलू ने जीत हासिल की है. वे नगालैंड विधानसभा के लिए चुनी गई पहली महिला विधायक हैं.
नगालैंड में बीजेपी गठबंधन आसानी से बहुमत के आंकड़े को पार करता दिख रहा है. इसी बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद तेमजेन इम्ना अलॉन्ग ने ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने अपनी फोटे शेयर करते हुए लिखा, हार कर जीतने वाले को .............. कहते हैं! दरअसल, तेमजेन इस बार विधानसभा चुनाव में भी उतरे हैं. वे अलोंगटाकी सीट से आगे चल रहे हैं. हालांकि, शुरुआत में वे पीछे थे. ऐसे में जब वे सीट से अपने प्रतिद्वंदी से आगे निकले तो उन्होंने ये ट्वीट किया.
नगालैंड में बीजेपी-NDPP गठबंधन की सत्ता में वापसी होती दिख रही है. गठबंधन 32 सीटों पर आगे है. वहीं दो सीटों पर जीत हासिल की है.
अब तक आए रुझानों में नगालैंड में एनडीपीपी (बीजेपी गठबंधन) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. मेघालय में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं, त्रिपुरा में बीजेपी 33 सीटों पर आगे चल रही है. अभी बहुमत के आंकड़े के पार पहुंच गई है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी त्रिपुरा में दोबारा सत्ता में लौटती नजर आ रही है. पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 31 सीटों पर आगे नजर आ रही है. जबकि सीपीआई (एम) 11 और टिपरा मोथा पार्टी 11 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा में चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा 28 सीटों पर, त्रिपरा मोथा पार्टी 11 सीटों पर, कांग्रेस 6 सीटों पर आगे चल रही है और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 11 सीटों पर आगे चल रही है. मतों की गिनती अभी जारी है.
रुझानों में त्रिपुरा में बीजेपी को 34 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. यानी पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. वहीं लेफ्ट 13, टीएमपी 12 सीटों पर आगे है.
त्रिपुरा में बीजेपी का गेम बिगड़ता दिख रहा है. बीजेपी अब सिर्फ 26 सीटों पर आगे चल रही है. जबकि लेफ्ट 20 सीटों पर आगे है. वहीं प्रद्योत माणिक्य की टिपरा मोथा 13 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा राजघराने के प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने चुनाव से पहले टिपरा मोथा पार्टी बनाई है. इस चुनाव में प्रद्योत की पार्टी शानदार प्रदर्शन करती दिख रही है. टिपरा मोथा पार्टी 13 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा में बीजेपी रुझानों में बहुमत के आंकड़े से पिछड़ती दिख रही है. अब पार्टी सिर्फ 29 सीटों पर आगे है.
त्रिपुरा में तेजी से सियासी गणित बदलता दिख रहा है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी 40 सीटों पर आगे दिख रही थी. लेकिन अब तक आए रुझानों में बीजेपी 30 सीटों पर आगे है. राज्य में बहुमत के लिए 31 सीट चाहिए.
त्रिपुरा के सीएम मानिक साहा बारदोवली सीट से आगे चल रहे हैं.
रुझानों में त्रिपुरा में बीजेपी 31 सीटों पर आगे चल रही है. लेफ्ट 14, टीएमपी 13 सीटों पर आगे है.
त्रिपुरा में बीजेपी 35, लेफ्ट 12 और टीएमपी 11 सीट पर आगे है. वहीं मेघालय में कांग्रेस 6, एनपीपी 23, बीजेपी 7 और अन्य 23 सीटों पर आगे हैं. जबकि नगालैंड में एनडीपीपी 38 (बीजेपी गठबंधन), एनपीएफ 4, कांग्रेस 3 और अन्य 15 सीटों पर आगे हैं.
त्रिपुरा में रुझानों में बीजेपी 33 सीटों पर आगे चल रही है. हालांकि, 2018 की तुलना में पार्टी को नुकसान होता दिख रहा है. तब पार्टी ने राज्य में 35 सीटें जीती थीं.
त्रिपुरा में सभी 60 सीटों पर रुझान आ गए हैं. बीजेपी 36, लेफ्ट 15 और टीएमपी 9 सीटों पर आगे चल रही है. नगालैंड में बीजेपी गठबंधन वाली एनडीपीपी 37, एनपीएफ 8 और कांग्रेस 2 और अन्य 13 सीटों पर आगे हैं. जबकि मेघालय में एनपीपी 27, कांग्रेस 5 और बीजेपी 7 सीटों पर आगे चल रही है.
रुझानों में नगालैंड में एनडीपीपी (बीजेपी गठबंधन) की सत्ता में वापसी होती दिख रही है. अब तक 58 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक, एनडीपीपी 36 सीटों पर आगे है. जबकि एनपीएफ 7 सीटों और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा में रुझानों में बीजेपी को प्रचंड बढ़त मिलती दिख रही है. पार्टी 40 सीटों पर आगे चल रही है. 5 पर लेफ्ट, 5 पर टीएमपी आगे चल रही है.
इससे पहले 2018 में त्रिपुरा में बीजेपी ने 35 सीटें जीती थीं. जबकि सीपीआई (एम) 16, आईपीएफटी ने 8 सीटों पर जीत हासिल की थी.
त्रिपुरा में 60 में से 48 सीटों पर रुझान आ गए हैं. बीजेपी 39 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं लेफ्ट 4, टीएमपी 5 सीटों पर आगे चल रही है.
मेघालय में सीएम कोनराड संगमा की पार्टी एनपीपी 19 सीटों पर आगे चल रही है. बीजेपी 6, कांग्रेस 1 सीट पर आगे चल रही है. अन्य 11 सीटों पर आगे चल रही है.
नगालैंड में 60 में से 40 सीटों पर शुरुआती रुझान आ गए हैं. राज्य में एनडीपीपी (बीजेपी गठबंधन) बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है. एनडीपीपी 33 सीटों पर आगे है. वहीं, एनपीएफ 2, कांग्रेस 1 और अन्य 6 सीटों पर आगे है.
नगालैंड में 60 में से 32 सीटों पर रुझान आ गए हैं. बीजेपी के गठबंधन वाला एनडीपीपी 27 सीटों पर आगे चल रहा है. वहीं एनपीएफ को 2, कांग्रेस को 1 और अन्य को 3 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है.
शुरुआती रुझानों में त्रिपुरा में बीजेपी 60 में से 34 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) पार्टी 5 सीटों पर आगे है. टीएमसी 5 सीटों पर आगे चल रही है.
शुरुआती रुझानों में नगालैंड में एनडीपीपी 13 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं एनपीएफ 2, कांग्रेस 1 सीट पर आगे चल रही है.
मेघालय में शुरुआती रुझानों में सीएम कोनराड संगमा की एनपीपी सबसे आगे चल रही है. पार्टी 7 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं कांग्रेस 1, बीजेपी 2 सीटों पर आगे चल रही है.
शुरुआती रुझानों में त्रिपुरा में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है. अभी पार्टी 60 में से 31 सीटों पर आगे हैं. वहीं, टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) पार्टी 5 सीटों पर आगे है.
मेघालय में वर्तमान मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की पार्टी एनपीपी 4 सीटों पर आगे चल रही है. इसबार बीजेपी और एनपीपी ने अलग अलग चुनाव लड़ा है.
शुरुआती रुझानों में त्रिपुरा में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है. अभी पार्टी 60 में से 16 सीटों पर आगे हैं. वहीं, टीएमपी पार्टी 3 सीटों पर आगे है. रुझानों में नगालैंड में बीजेपी गठबंधन वाली एनडीपीपी 6 सीटों पर आगे चल रही है. मेघालय में संगमा की पार्टी एनपीपी को बढ़त मिलती दिख रही है.
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मतगणना से पहले बीजेपी दफ्तर में पूजा अर्चना शुरू हो गई है.
मेघालय में 13 मतगणना केंद्र हैं. इनमें से 12 जिला मुख्यालयों में तो वहीं 1 अन्य सोहरा अनुमंडल में बनाया गया है. 3 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें सबसे अंदरूनी और पहली लेयर की निगरानी CAPF कर रही है. इसके अलावा दूसरी और तीसरी लेयर की निगरानी का जिम्मा राज्य सश्स्त्र पुलिस बल को दिया गया है. मतगणना कुल 383 राउंड में होगी. सभी 13 केंद्रों पर मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी. काउंटिंग में पहले 30 मिनट तक डाक-मतपत्रों की गिनती होगी.
त्रिपुरा की 60 विधानसभा सीटों पर 16 फरवरी को शाम चार बजे तक 81.1 फीसदी मतदान हुआ था. कुल 259 उम्मीदवारों ने इस बार चुनाव लड़ा है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) गित्ते किरणकुमार दिनकारो ने बताया था कि 3,337 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई थी. इन मतदान केंद्रों में से 1,100 की पहचान संवेदनशील और 28 की अति संवेदनशील के रूप में की गई थी.
मेघालय की 60 विधानसभा सीटों में से 59 पर वोटिंग हुई थी. यहां 21.6 लाख वोटर्स 369 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इनमें से 36 महिलाएं हैं. यहां 27 फरवरी को 74.32% वोटिंग हुई थी. यहां तृणमूल कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल चुनावी ताल ठोकी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी एफ आर खारकोंगोर के मुताबिक प्रदेश में 3,419 मतदान केंद्र थे. इनमें 640 'असुरक्षित' और 323 'संवेदनशील' की श्रेणी में थे.
नगालैंड विधानसभा के चुनाव में 183 कैंडिडेट ने अपनी किस्मत आजमाई है. यहां 59 सीटों पर विधानसभा चुनाव हुए हैं. दरअसल, 60 सीटों वाले सूबे में जुन्हेबोटो जिले की अकुलुतो सीट पर भाजपा के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक काज़ेतो किनिमी ने निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं. यहां 13 लाख से ज्यादा मतदाता हैं. यहां 82.42% वोटिंग हुई थी.
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले दिनों त्रिपुरा, नगालैंड या मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा न बनने का दावा किया था. उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में एनडीए पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी. एनईडीए के संयोजक सरमा ने कहा था कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का कोई भी साथी कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगा.
उन्होंने आगे कहा था, "कोई त्रिशंकु विधानसभा नहीं होगी. एनडीए तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी. तीन राज्यों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों पर उन्होंने कहा कि त्रिपुरा और नगालैंड में यथास्थिति रहेगी और मेघालय के लिए सीएम का फैसला बीजेपी द्वारा जीते गए राज्यों की संख्या पर विचार करने के बाद किया जाएगा.
एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक मेघालय में इस बार किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. एनपीपी के खाते में 18 से 24, बीजेपी की 4 से 8, कांग्रेस 6 से 12 सीटें रह सकती हैं. यानी कि किसी को भी बहुमत नहीं मिल रहा है.
त्रिपुरा में एग्जिट पोल ने स्पष्ट बहुमत के आसार दिखाए हैं. यहां बीजेपी की सरकार बन सकती है. त्रिपुरा चुनाव में बीजेपी को 45 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, वहीं लेफ्ट-कांग्रेस के गठबंधन का 32 प्रतिशत वोट शेयर रह सकता है. टीएमपी की बात करें तो उसका वोट शेयर 20 फीसदी रह सकता है.
अगर जातियों के लिहाज से देखें, तो बीजेपी को जबरदस्त फायदा होता दिख रहा है. पार्टी को एसटी का 30 प्रतिशत, एससी का 57 प्रतिशत, ओबीसी का 60 फीसदी और सामान्य का 61 फीसदी वोट मिल रहा है. लेफ्ट-कांग्रेस की बात करें तो उसे एसटी का 18 फीसदी, एससी का 36 फीसदी, ओबीसी का 35 प्रतिशत और सामान्य वर्ग का 34 फीसदी वोट मिल सकता है. टीएमपी को एसटी का 51 फीसदी, एससी का 3 फीसदी, ओबीसी का 2 प्रतिशत और सामान्य का 2 प्रतिशट वोट मिल सकता है.
Exit Poll: नगालैंड चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक राज्य में एनडीपीपी और बीजेपी गठबंधन की सरकार बनेगी. यहां प्रचंड बहुमत के साथ वापसी के संकेत हैं. गठबंधन को 38 से 48 सीटें तो कांग्रेस को 1 से 2, एनपीएफ को 3 से 8 सीटें मिल सकती हैं.
नगालैंड में मुख्यमंत्री नेफ्यू रिओ की लोकप्रियता बरकरार है. एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि 25 फीसदी लोगों की पहली पसंद वर्तमान सीएम नेफ्यू रिओ हैं. दूसरे दल के किसी सीएम चेहरे को 10 फीसदी वोट भी मिलते नहीं दिख रहे हैं.