बिहार की नवादा संसदीय सीट पर इस बार सीधी लड़ाई लोक जन शक्ति पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच है. लोक जन शक्ति पार्टी की ओर से जहां चंदन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं विभा देवी राष्ट्रीय जनता दल की ओर से चुनाव लड़ रही हैं. दरअसल यह दो बाहुबलियों की लड़ाई है. चंदन कुमार जहां बाहुबली सूरजभान सिंह के भाई हैं, वहीं राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा सिंह हैं. यह लड़ाई सही मायने में सूरजभान सिंह और राजबल्लभ यादव के बीच होगी.
बहुजन समाज पार्टी की ओर से विष्णु देव यादव चुनाव लड़ रहे हैं. पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) की ओर से आदित्य प्रधान चुनाव लड़ रहे हैं. राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल की ओर से मुकीम उद्दीन चुनाव लड़ रहे हैं. शिवसेना ने भी यहां अपना उम्मीदवार उतारा है. शिवसेना की ओर से रंगनाथ मैदान में हैं. मूलनिवासी पार्टी से विजय राम चुनाव लड़ रहे हैं. निर्दलीय प्रत्याशियों में राजेश कुमार, तुलसी दयाल, नरेश प्रसाद, निवेदिता सिंह, प्रोफेसर केबी प्रसाद, राकेश रौशन चुनाव लड़ रहे हैं.
नवादा से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेता गिरिराज सिंह सांसद हैं. लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) के टिकट बंटवारे में यह सीट लोक जन शक्ति पार्टी के हिस्से आई. गिरिराज सिंह को बेगूसराय भेज दिया गया है.
2014 में गिरिराज सिंह को जीत मिली थी. इस सीट पर भूमिहारों का वर्चस्व रहा है. 16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में नवादा सीट से बीजेपी के गिरिराज सिंह जीते थे. उन्होंने आरजेडी के राजवल्लभ यादव को हराया था. गिरिराज सिंह 3,90,248 वोटों के साथ विजयी रहे थे. वहीं राजवल्लभ यादव को 2,50,091 वोट हासिल हुए थे. तीसरे नंबर पर जेडीयू के कौशल यादव रहे जिन्हें 1,68,217 वोट मिले थे.
नवादा लोकसभा सीट पर बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधी टक्कर रही है. बीते चुनावों पर गौर करें तो बीजेपी और आरजेडी को बारी-बारी से सत्ता मिलती रही है. आजादी के बाद इस सीट से 5 बार कांग्रेस के उम्मीदवार जीते. इसके बाद 1989 और 1991 के चुनाव में यहां से सीपीएम उम्मीदवार की जीत हुई. 1996 के चुनाव में यहां बीजेपी को जीत मिली. 1998 में आरजेडी की जीत हुई. 1999 में नवादा सीट से बीजेपी के संजय पासवान ने जीत दर्ज की. 2004 में फिर आरजेडी को नवादा की जनता ने मौका दिया.
नवादा संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां कुंवर राम को छोड़कर कोई भी उम्मीदवार दोबारा नहीं चुना गया है. यहां दो बार जीत किसी को नहीं मिलती. कुंवर राम नवादा से 1980 और 1984 में कांग्रेस के टिकट पर जीतकर लोकसभा गए थे. महागठबंधन के लिए यहां भूमिहार वोटों में बिखराव और मुस्लिम-यादव वोटों के समीकरण से ही कुछ उम्मीद बन सकती है.
नवादा संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- बरबीघा, रजौली, हिसुआ, नवादा, गोबिंदपुर और वारसलीगंज. इनमें से रजौली सुरक्षित सीट है. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इनमें से 2-2 सीटें कांग्रेस-आरजेडी और बीजेपी के खाते में गईं.
नवादा संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 1,397,512 है. जिनमें से 652,177 महिला मतदाता और 745,335 पुरुष मतदाता हैं. 2014 के चुनाव में गिरिराज सिंह ने आरजेडी के बाहुबली नेता राजवल्लभ प्रसाद के खिलाफ जीत दर्ज की. फिलहाल राजवल्लभ प्रसाद को रेप के केस में उम्रकैद की सजा हो चुकी है.
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