अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले मोदी सरकार के मंत्री अनंत कुमार हेगड़े फिर मैदान में हैं. कर्नाटक की उत्तर कन्नड़ सीट से लगातार पांच बार से सांसद बन रहे अनंत कुमार हेगड़े ने अपना पहला चुनाव 1996 में लड़ा था. इसके बाद से वह लगातार जीतते आ रहे हैं तब इस संसदीय क्षेत्र को कनारा के नाम से जाना जाता था. हेगड़े ताज महल को शिव मंदिर बताकर सुर्खियों में आ चुके हैं.
अनंतकुमार हेगड़े का जन्म 20 मई 1968 को उत्तर कन्नड़ जिले के सिरसी में ललिता और दत्तात्रेय हेगड़े के घर हुआ था, उन्होंने सिरसी के एमएम आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. कॉलेज के दिनों में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बाद में एबीवीपी से जुड़ गए. 1998 में, अनंत कुमार ने श्रीरूपा हेगड़े से शादी की और उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी और एक बेटा.
अब बात राजनीतिक सफर की. अनंत कुमार हेगड़े ने अपना पहला चुनाव 1996 में लड़ा. इसके बाद वह पांच चुनाव जीतते आ रहे हैं. सितंबर, 2017 में मोदी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का जिम्मा दिया गया. राजनीति से अलग अनंत कुमार हेगड़े ने अपनी संस्था भी बनाई है. उनका कदंब ग्रुप विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में दलित, कमजोर और समाज के कमजोर वर्ग के लिए बहुआयामी सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में काम करता है.
अनंत कुमार हेगड़े कई बार विवादों में भी रहे. उन पर जनवरी 2017 में अपनी मां के साथ कथित बदसलूकी के लिए एक डॉक्टर को पीटने का आरोप लगा. इससे पहले 2017 में बी वह तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कहा था कि बीजेपी जल्द ही संविधान बदल देगी, जिसमें 'सेकुलर' शब्द लिखा हुआ है. तब उन्होंने कहा था कि कुछ लोग कहते हैं कि संविधान कहता है कि हम सेकुलर हैं इसलिए इसे तुम्हें मानना ही पड़ेगा, हम संविधान का आदर करते हैं, लेकिन संविधान कई बार बदला है और यह भविष्य में भी बदलेगा, हमलोग यहां संविधान बदलेंगे.
इसके अलावा अनंत कुमार ने ताज महल को लेकर भी विवादित बयान दिया था. अनंत कुमार हेगड़े ने कहा था कि ताजमहल मुसलमानों द्वारा नहीं बनाया गया है. शाहजहां की जीवनी में लिखा है कि उसने ये महल राजा जय सिंह से खरीदा था. ये एक शिव मंदिर है जिसे राजा परमतीर्थ ने बनाया था.
हाल में अनंत कुमार हेगड़े ने एक भड़काऊ भाषण दिया था. उन्होंने कहा था कि एक शख्स जो हिन्दू लड़कियों को छुए, उसके हाथ बचने नहीं चाहिए...इतिहास आप इसी तरह से लिखते हैं, जहां आप इतिहास लिखते हैं, तो आपके अंदर साहस आता है, जहां आप इतिहास पढ़ते हैं आपके मन में डरने वाली भावनाएं आती है, अब आपको तय करना है कि आप इतिहास लिखना चाहते हैं या फिर इतिहास पढ़ना चाहते हैं.
खैर, विवादो में रहने वाले अनंत कुमार हेगड़े छठवीं बार संसद पहुंचने के लिए मैदान में हैं. इस बार उनकी टक्कर जनता दल सेक्युलर के आनंद असनोटीकर से है. अब देखना होगा कि अनंत कुमार हेगड़े फिर संसद पहुंचकर रिकॉर्ड बनाते हैं या नहीं.
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