Akola: तीन बार से बीजेपी के कब्जे में है अकोला लोकसभा सीट

Akola Lok sabha constituency 2019 के लोकसभा चुनाव 2019 में सबकी नजरें लगी हुई हैं. लोकसभा चुनावों के लिहाज से महाराष्ट्र की अकोला सीट क्यों है खास,  इस आर्टीकल में पढ़ें...

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अकोला लोकसभा सीट अकोला लोकसभा सीट

आदित्य बिड़वई

  • नई द‍िल्ली,
  • 13 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

महाराष्ट्र की अकोला लोकसभा सीट अभी बीजेपी के कब्जे में है, लेकिन इस सीट का इतिहास अलग रहा है. दरअसल, यहां जिस दल का सांसद चुना जाता है उसके विपरीत केंद्र और राज्य में दूसरी पार्टी की सत्ता रही है. पिछले तीन बार से यहां बीजेपी के संजय धोत्रे जीतते आ रहे हैं. वहीं, महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन है. जिस कारण राष्ट्रवादी ने अकोला सीट कांग्रेस के लिए छोड़ रखी है.

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इस सीट के इतिहास पर नजर डाली जाए तो अकोला में 1952 और 1957 में हुए पहले दो आम चुनाव में दो-दो सांसद निर्वाचित हुए. अकोला से 1952 में कांग्रेस के लक्ष्मण भातकर आरक्षित सीट से चुने गए थे. जबकि खुले प्रवर्ग से गोपालराव खेडकर सांसद चुने गए. इसके बाद 1957 में दोनों नेता दोबारा लोकसभा पहुंचे. फिर 1957 में हुए दूसरे आम चुनाव में बुलढाणा से आरक्षित सीट खत्म कर दी गई.

25 साल कांग्रेस का राज...

अकोला किसी समय कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी. यहां लगातार 25 साल कांग्रेस पार्टी जीतती आई है. 1957 से 1967 तक कांग्रेस यहां लगातार जीती. इस दौरान गोपालराव खेडकर, एम.एस. हक और के.एम. असगर हुसैन यहां से चुने गए. इसके बाद 1971-72 के उपचुनाव में भी कांग्रेस के असगर हुसैन ही जीते. फिर उनकी मृत्यु के बाद यहां उपचुनाव हुए और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (खोब्रागड़े गुट) की ओर से पहली बार वसंत साठे ने जीत दर्ज की.

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उनके बाद वसंत साठे ने 1977 में कांग्रेस के टिकट पर दोबारा जीत हासिल की. फिर मधुसूदन वैराले यहां जीत दर्ज करने में सफल रहे. वो 2 बार कांग्रेस की टिकट पर सांसद रहे.

जब टूटा कांग्रेस की जीत का सिलसिला...

कांग्रेस की लगातार जीत का रिकॉर्ड अकोला में पांडुरंग फुंडकर ने तोड़ा. वह 1989 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से संसद में पहुंचे. वह यहां से लगातार तीन बार चुनाव जीते. उनके बाद 1998 में हुए उपचुनाव में एडवोकेट प्रकाश यशवंत आंबेडकर भारिप की ओर से विजयी हुए और 1999 में भी वे कांग्रेस के समर्थन से चुनाव जीते. 2004 से लेकर 2014 तक वो संजय धोत्रे के हाथों मात खाते आ रहे हैं.   

अकोला की 6 विधानसभा सीटों पर क्या है पार्टी समीकरण...

अकोला लोकसभा क्षेत्र में अकोट, बालापुर, अकोला पूर्व, अकोला पश्चिम, मूर्तिजापुर और वाशिम जिले के रिसोड विधानसभा क्षेत्र आते हैं. अकोट, अकोला पश्चिम, अकोला पूर्व, मूर्तिजापुर विधानसभा पर अभी बीजेपी का कब्जा है तो वहीं, रिसोड़ विधानसभा पर कांग्रेस का कब्जा है तो बालापुर विधानसभा पर भारिप बहुजन महासंघ का कब्जा है. 

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