Asansol loksabha: गायक बाबुल सुप्रियो ने यहां खिलाया है कमल

आसनसोल जिला विश्व के सबसे तेजी से विकसित हो रहे जिलों में शामिल है. सांस्कृतिक रूप से भी यह जिला संपन्न है. यहां कई प्रसिद्द जैन मंदिर हैं. यहां की साक्षरता दर 87 प्रतिशत है.

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बाबुल सुप्रियो (फोटो-ट्विटर) बाबुल सुप्रियो (फोटो-ट्विटर)

अमित राय

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 2:13 PM IST

आसनसोल बर्धमान जिले में आता है, आसन का मतलब बंगाल में एक पेय होता है जो नदी के किनारे पाया जाता है. सोल का मतलब खनिज पदार्थ से है. आसनसोल में रानीगंज हैं जहां की कोयला खदानों से निकला कोयला पूरे देश में भेजा जाता है. आसनसोल में ही मैथन बांध है. यह जिला विश्व के सबसे तेजी से विकसित हो रहे जिलों में शामिल है. सांस्कृतिक रूप से भी यह जिला संपन्न है. यहां कई प्रसिद्द जैन मंदिर हैं. यहां की साक्षरता दर 87 प्रतिशत है. शिक्षण संस्थाओं के लिए भी यह जाना जाता है. लोरेटो जैसे स्कूल कॉलेज भी यहां पर हैं. यहां कई इंजीनियरिंग कॉलेज और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज है.

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2019 में यहां पर बीजेपी और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के बीच जोरदार मुकाबला होने की संभावना है. बीजेपी कार्यकर्ताओं में जिस तरह का जोश है उससे बाबुल सुप्रियो का दावा मजबूत रहेगा. क्योंकि पूरे देश में उनकी पहचान है और केंद्र सरकार में वह मंत्री भी हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

शुरुआत में यह सीट कांग्रेस के पास थी, इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी के पार्टी के पास आ गई. 1952 में यहां से कांग्रेस के अतुल्य घोष जीते. 1957 में कांग्रेस के मनमोहन दास को जीत मिली. 1962 में फिर कांग्रेस से अतुल्य घोष को मौका मिला और वो विजयी रहे. 1967 में एसएसपी के डी सेन को विजय मिली. 1971 में सीपीएम के रोबिन सेन को विजय मिली. 1977 में भी सीपीएम के रोबिन सेन ही विजयी रहे. 1980 में INC (I) के आनंद गोपाल मुखोपाध्याय को विजय मिली. 1984 में यहां से कांग्रेस के आनंद गोपाल मुखर्जी यहां से सांसद चुने गए. 1989,91,96 में यहां से सीपीएम के हराधन रॉय लगातार 3 बार सांसद चुने गए. इसके बाद 1998, 99,2004 में सीपीएम के विकास चौधरी सांसद रहे. 2005 के बाइपोल इलेक्शन में सीपीआई (एम) के बंशगोपाल चौधरी सांसद बने. 2009 में सीपीएम के बंशगोपाल चौधरी ने सीट बचाए रखी.

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सामाजिक ताना-बाना

आसनसोल संसदीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में स्थित है. यह उभरता हुआ शहर है और यहां पर प्रवासियों की संख्या अच्छी खासी है. यहां शिक्षित और शहरी लोगों की संख्या भी पश्चिम बंगाल के आमशहरों से ज्यादा है. 2011 की जनगगणना के अनुसार यहां की कुल आबादी 2137389 है. इसमें से19.95 फीसदी ग्रामीण हैं और 80.05 फीसदी शहरी. यहां अनुसूचित जाति और जनजाति का रेश्यो 22.57 फीसदी और 6.15 फीसदी है. 2017 की वोटर लिस्ट के मुताबिक यहां मतदाताओं की संख्या 1569569 है.

इस संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें हैं, इनमें 5 पर तृणमूल और 2 पर सीपीएम के विधायक हैं.

1-पंदाबेश्वर से AITC के  कुमार जीतेंद्र जीते हैं.

2- रानीगंज से सीपीएम के रुनू दत्ता विधायक हैं.

3-जमुरिया से सीपीएम की जहानआरा खान विधायक हैं.

4-आसनसोल दक्षिण से AITC के तापस बनर्जी को  विजय मिली है.

5- आसनसोल उत्तर से AITC केमोलोय घटक जीते हैं.

6- कुल्टी से AITC के उजाल चटर्जी को विजय मिली है.

7-बाराबनी से AITC के विधान उपाध्याय विधायक हैं.

2014 का जनादेश

2014 में बीजेपी के बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन को हराकर इतिहास बदल दिया. बीजेपी के बाबुल सुप्रियो को 419983 वोट जबकि तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन को 349503 वोट मिले. यहां बीजेपी को 36.76 फीसदी, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को 30.59 फीसदी, सीपीएम को 22.39 फीसदी और कांग्रेस को मात्र 4.25 फीसदी वोट मिले थे. 2104 के चुनाव में यहां 77.76 फीसदी वोटिंग हुई थी. जबकि 2009 के चुनाव में 71.49 फीसदी.

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सांसद का रिपोर्ट कार्ड  

पश्चिम बंगाल में परचम लहराने के लिए बाबुल सुप्रियो को केंद्रीय मंत्रालय में जगह दी गई. वह भारी उद्योग और पब्लिक एंटरप्राइजेज राज्यमंत्री हैं. लोकसभा में उनकी हाजिरी 45 फीसदी रही है. 16वीं लोकसभा के सदस्य के तौर पर बाबुल को अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये मिले थे. बाबुल ने 72.96 फीसदी रकम खर्च कर दी है. बाकी के लिए प्रोपोजल दे दिया है. 4.51 फीसदी अमाउंट खर्च करने के लिए बचा हुआ है.

जरा हटके

बबुल सुप्रियो प्ले बैक सिंगर हैं, 1994 में उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की थी. प्रेम रोग उनकी पहली फिल्म थी. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने कई बंगाली फिल्मों में भी काम किया है. उनकी लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें आसनसोल से उम्मीदवार बनाया था. बाबुल सुप्रियो के नाम विवाद भी जुड़ते रहे हैं. आसनसोल में दिव्यांगों के एक कार्यक्रम में उन्होंने एक शख्स की कथित रूप से  टांग तोड़ने की धमकी दी थी. इस पर उनके खिलाफ 2 एफआईआरदर्ज की गई थी.

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