हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की नाव बीच मझधार में फंस गई है. चुनावी नतीजों में बीजेपी को 40 सीट, कांग्रेस को 30 सीटों पर जीत मिली है. 10 सीटें जीतने वाली जननायक जनता पार्टी(जेजेपी) इस चुनाव में किंग मेकर की भूमिका में है.
बीजेपी के इस प्रदर्शन पर पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैनेजमेंट की कमी के कारण हम उम्दा प्रदर्शन नहीं कर पाए. खास बात है कि इस बार हरियाणा में खट्टर सरकार के पांच मंत्री पीछे चल रहे हैं.
कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु चुनाव हार चुके हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि हार में न जीत में, किंचित नहीं भयभीत में. कर्तव्य पथ पर जो मिला, ये भी सही वो भी सही. हम हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनाने जा रहे हैं.
स्पष्ट बहुमत न होने के बाद भी बीजेपी के नेताओं को यकीन है उनकी सरकार बनने जा रही है. हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार अब खतरे में है. मतगणना के रूझान यह बता रहे हैं कि मनोहर लाल खट्टर की सरकार कड़े मुकाबले में फंसी है. भाजपा का अबकी बार 75 पार का नारा फेल हो चुका है.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, जिन्हें संगठन में बड़ा ओहदा देकर जाटों को साधने की जिम्मेदारी दी गई थी, वह खुद टोहना सीट पर पीछे चल रहे हैं. अमित शाह के फटकार लगाने के बाद बराला ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है.
aajtak.in