नारनौंद विधानसभा क्षेत्र में फिर से कमल खिला पाएंगे बीजेपी के 'कैप्टन'?

हरियाणा के हिसार जिले की नारनौंद विधानसभा सीट भी हाईप्रोफाइल सीटों में शामिल है. इस सीट से मनोहर लाल खट्टर सरकार में मंत्री कैप्टन अभिमन्यु विधायक हैं. इस बार भी नारनौंद में कमल खिलाने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कैप्टन को ही सौंपी है.

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कैप्टन अभिमन्यु (फाइल फोटोः इंडिया टुडे) कैप्टन अभिमन्यु (फाइल फोटोः इंडिया टुडे)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

  • कैप्टन अभिमन्यु हैं निवर्तमान विधायक
  • खट्टर मंत्रिमंडल में मंत्री भी हैं कैप्टन

हरियाणा के हिसार जिले की नारनौंद विधानसभा सीट भी हाईप्रोफाइल सीटों में शामिल है. इस सीट से मनोहर लाल खट्टर सरकार में मंत्री कैप्टन अभिमन्यु विधायक हैं. इस बार भी नारनौंद में कमल खिलाने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कैप्टन को ही सौंपी है.

व्यापार छोड़कर राजनीति में आए कैप्टन कुछ समय के लिए सेना में कमीशन ऑफिसर भी रह चुके हैं. पिछली बार उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राज एस मोर को 5761 वोट से हराया था. इस बार उनके सामने कांग्रेस ने बलजीत सिहाग को उतारा है. इंडियन नेशनल लोकदल से रामकुमार गौतम मैदान में हैं. रामकुमार नारनौंद विधानसभा सीट से चार बार चुनाव लड़ चुके हैं. वह 2005 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर ही मैदान में थे और चुनाव जीता भी था. तब हरियाणा में भाजपा महज दो सीटें जीत पाई थी.

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एक दल पर जनता ने नहीं किया भरोसा

प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले वीरेंद्र सिंह को छोड़ दें तो नारनौंद के मतदाताओं ने अलग-अलग दलों के नेताओं को अपना प्रतिनिधि निर्वाचित कर अपनी नुमाइंदगी के लिए विधानसभा में भेजा. हमेशा ही परिवर्तन किया. वीरेंद्र सिंह ने चार दफे विधानसभा में नारनौंद का प्रतिनिधित्व किया.

जाट बाहुल्य है नारनौंद

रोहतक और जींद से घिरे नारनौंद विधानसभा क्षेत्र में जाट वोटरों की बहुलता है. यहां जाय के साथ ही एससी वोटर भी निर्णायक स्थिति में हैं. व्यापार छोड़कर सियासत में आए कैप्टन अभिमन्यु ने मंत्री बनने के बाद क्षेत्र में नए स्कूल-कॉलेज खोलने के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य कराए. उनके समर्थकों को उम्मीद है कि अपने कार्य और मनोहर लाल खट्टर सरकार की उपलब्धियों के सहारे वह जीतने में सफल रहेंगे. वहीं विरोधी भी उनकी नाकामियां गिनाते नहीं थक रहे. ऐसे में देखना होगा कि जनता जीत का सेहरा किसके सर सजाती है.

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