दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर प्रदूषित पानी को लेकर शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने प्रदूषित पीने के पानी के मसले पर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने कुछ नहीं किया और दिल्ली की जनता गंदा पानी पीने को मजबूर है.
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने ताबड़तोड़ 4 ट्वीट करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता गंदा पानी पीने को मजबूर है, लेकिन दिल्ली सरकार ने कोई काम नहीं किया.
उन्होंने कहा, 'मैं 3 माह से लगातार कह रहा हूं कि BIS और @DelhiJalBoard के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जिस इलाके से चाहें पानी की जांच करवा लें. संयुक्त टीम बनाने हेतु 21नवंबर को हमने BIS के 32 अधिकारियों का नाम भेज दिया था लेकिन केजरीवाल जी ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है.'
उन्होंने आगे कहा कि हमने BIS को निर्देश दिया है कि दिल्ली के हर वार्ड से 5-5 सैंपल लेकर 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करे. दिल्ली सरकार को छूट है कि DJB के अधिकारी, DG और DDG BIS के नेतृत्व में बनी टीम के साथ संयुक्त रूप से पानी के नमूने इकठ्ठा करना चाहें तो कर सकते हैं.
बीते हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीने के पानी के मसले पर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर प्रदेश सरकार आंख मूंद कर बैठी है. रामलीला मैदान में यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था, 'आज दिल्ली सरकार सबसे बड़ी समस्या से आंख मूंद कर बैठी है. यह समस्या है पीने के पानी की.'
पिछले महीने शुरू हुआ पानी विवाद
इससे पहले भी नवंबर में दिल्ली में पानी को लेकर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और केजरीवाल सरकार में जुबानी जंग छिड़ी थी. रामविलास पासवान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुझे गाली देने की बजाए दिल्ली की जनता के लिए स्वच्छ और शुद्ध पानी की व्यवस्था तत्काल करें.
कुछ दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले देश की राजधानी में पीने के पानी के मसले को लेकर राजनीति गरमा गई है. पिछले महीने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की जांच में दिल्ली में 11 जगहों से लिए गए नमूने फेल होने के बाद से आम आदमी पार्टी नीत दिल्ली सरकार और बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया था.
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