वारसलीगंज विधानसभा सीट: क्या अरुणा देवी को मात दे पाएगी कांग्रेस?

इस सीट पर पिछले पांच चुनाव से अरुणा देवी और प्रदीप कुमार के बीच सियासी जंग चल रही है. मौजूदा समय में इस सीट से बीजेपी की अरुणा देवी विधायक हैं. उन्होंने 2015 के चुनाव में जेडीयू के प्रदीप कुमार को मात दी थी.

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बीजेपी विधायक अरुणा देवी (फाइल फोटो) बीजेपी विधायक अरुणा देवी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST

नवादा जिले की वारसलीगंज विधानसभा पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस सीट पर पिछले पांच चुनाव से अरुणा देवी और प्रदीप कुमार के बीच सियासी जंग चल रही है. मौजूदा समय में इस सीट से बीजेपी की अरुणा देवी विधायक हैं. उन्होंने 2015 के चुनाव में जेडीयू के प्रदीप कुमार को मात दी थी. इस बार बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन है. इस बार प्रदीप कुमार की पत्नी आरती सिंह ने दावेदारी की है, क्योंकि प्रदीप कुमार को एक आपराधिक मामले में सजा मिली है.

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वारसलीगंज विधानसभा सीट का इतिहास
इस सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था. तब यह सीट आरक्षित थी. 1957 के पहले चुनाव में चेतू राम जीते थे. इसी साल फिर से चुनाव हुआ, जिसमें रामकिशुन सिंह जीते. इसके बाद यह सीट सामान्य हो गई और 1959 में उपचुनाव हुआ. इस उपचुनाव में चेतू राम फिर जीते. हालांकि, 1962 के चुनाव में इस सीट से रामकिशुन सिंह फिर जीतने में कामयाब हुए।  1967 और 1969 के चुनाव में सीपीआई के देव नंदन प्रसाद जीतने में कामयाब हुए. 1972 में श्याम सुंदर प्रसाद सिंह जीते. 1977 के चुनाव में राम रतन सिंह जीते. 1980 और 1985 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर बंदी शंकर सिंह जीतने में कामयाब हुए.

1990 के चुनाव में सीपीआई के टिकट पर देव नंदन प्रसाद जीते. फिर 1995 में कांग्रेस के रामाश्रय प्रसाद सिंह जीतने में कामयाब हुए. इसके बाद 2000 और 2005-फरवरी के चुनाव में अरुणा देवी जीतीं, लेकिन 2005-अक्टूबर में हुए चुनाव में अरुणा देवी हार गईं और निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कुमार जीतने में कामयाब हुए. 2010 के चुनाव में जेडीयू के टिकट पर प्रदीप कुमार ने जीत दर्ज की, लेकिन 2015 के चुनाव में वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं अरुणा देवी से हार गए.

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सामाजिक तानाबाना
वारसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,03,030 योग्य मतदाता हैं, जिनमें से 1,61,106 पुरुष और 1,41,911 महिलाएं हैं. भारत के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के अनुसार - 2008 में वारसलीगंज विधान सभा क्षेत्र में पाकबरीवन, काशीचक और वारसलीगंज सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं. 2015 में इस सीट पर 51 फीसदी मतदान हुआ था.

2015 के नतीजे
2015 के चुनाव में बीजेपी की अरुणा देवी ने जेडीयू के प्रदीप कुमार को करीब 19 हजार वोटों से शिकस्त दी थी. अरुणा देवी को 85 हजार 912, तो प्रदीप कुमार को 66 हजार 385 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर सीपीआई के राम किशोर शर्मा (3548 वोट) और चौथे नंबर पर जन अधिकार पार्टी के राजीव कुमार (3118 वोट) रहे.

विधायक अरुणा देवी के बारे में
बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी अरुणा देवी, वारसलीगंज सीट से दूसरी बार विधायक हैं. 2015 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, अरुणा देवी मीट्रिक पास हैं. उनके उपर एक आपराधिक केस दर्ज है, जबकि उनके पास 1 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. अरुणा देवी वारसलीगंज में चीनी मिल समेत कई मुद्दों को विधानसभा में उठाती रहती हैं. 

कौन- कौन है मैदान में?
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी- राजेंद्र प्रसाद
भारतीय जनता पार्टी- अरुणा देवी
कांग्रेस- सतीश कुमार

कब हुआ चुनाव? 
पहला चरण – 28 अक्टूबर
नतीजा – 10 नवंबर

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कितने फीसदी मतदान?

वारसलीगंज विधानसभा सीट पर पहले चरण में मतदान हुआ था. इस दौरान 56 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे.

 

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