बिहार सरकार के पिछड़ा-अति पिछड़ा कल्याण मंत्री विनोद कुमार सिंह का दिल्ली के मेदांता अस्पताल में आज देहांत हो गया. विनोद सिंह जून में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे. उससे ठीक हुए तो 16 अगस्त को विनोद सिंह को ब्रेन स्ट्रोक आ गया. जिसके बाद पटना के रुबन अस्पताल से एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया था. जहां आज उन्होंने अंतिम सांस ली, वहीं बिहार चुनाव के बीच उनके निधन से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है.
नेताओं ने जताया शोक
मंत्री विनोद सिंह के निधन पर बिहार के कई नेताओं ने शोक जताया है. बता दें कि विनोद कुमार सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत विद्यार्थी परिषद की सदस्यता से शुरू की थी. कटिहार जिले के प्राणपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर विनोद कुमार ने कई बार चुनाव लड़ा था. 1995 में प्राणपुर से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े. इस चुनाव में भले ही विनोद सिंह की हार हुई, लेकिन उन्होंने हार कभी नहीं मानी. प्राणपुर विधानसभा से बीजेपी के टिकट पर 2000, 2010 और 2015 में चुनाव जीता. इसके बाद उन्हें नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया गया.
इस बार पत्नी को मिला था टिकट
काफी समय से मंत्री विनोद कुमार की तबीयत खराब चल रही है. इसकी वजह से इस बार पार्टी ने प्राणपुर विधानसभा से उनकी पत्नी निशा सिंह को टिकट दिया था. प्राणपुर विधानसभा पर तीसरे चरण में मतदान होना है. इस बीच विनोद कुमार सिंह के निधन की खबर से क्षेत्र में माहौल गमगीन है. परिजन काफी सदमे में हैं. निधन की खबर सुनते ही विनोद कुमार सिंह के पैतृक आवास बथनाहा में लोगों की भीड़ जुटने लगी है.
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बिपुल राहुल