भोजपुर जिला: 7 में से 5 सीटें जीतने वाली RJD का तिलिस्म इस बार क्या टूट पाएगा?

2015 के चुनाव में इस इलाके में आरजेडी और जेडीयू के महागठबंधन का सबसे ज्यादा फायदा आरजेडी को हुआ था. पार्टी ने सात में से पांच सीटें अपने नाम कर ली थीं. इस बार यहां की जनता किसे चुनती है, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा. 

Advertisement
rjd election campaign rjd election campaign

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 1:25 AM IST
  • 1972 में शाहाबाद से टूटकर अलग जिला बना भोजपुर
  • आरा नाम से भी प्रचलित है भोजपुर जिला
  • जगजीवन राम बाबू यहां पैदा हुए, संगीत और सिनेमा में भी जिले का नाम

बिहार का भोजपुर जिला यानि आरा राजनीति के साथ-साथ साहित्य, संगीत और सिनेमा में भी कई फनकारों को जन्म दे चुका है. इस ऐतिहासिक शहर की साक्षरता दर दूसरे जिलों के कहीं ज्यादा है. खेती ही यहां के लोगों की आय का प्रमुख जरिया है. इस जिले में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनके नाम हैं-अगियांव, संदेश, शाहपुर, बड़हरा, तरारी, आरा और जगदीशपुर. 2015 के चुनाव में इस इलाके में आरजेडी और जेडीयू के महागठबंधन का सबसे ज्यादा फायदा आरजेडी को हुआ था. पार्टी ने सात में से पांच सीटें अपने नाम कर ली थीं. इस बार यहां की जनता किसे चुनती है, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा. 
 
ऐतिहासिक जिला

बिहार का भोजपुर जिला ऐतिहासिक है. यह जिला 1972 में शाहाबाद से टूटकर बना. भोजपुर 1992 में एक बार और बंटा. इस बार भोजपुर से एक नया जिला बना बक्सर. भोजपुर आरा नाम से भी काफी प्रचलित है. इस जिले के उत्तर मं सारण और यूपी का बलिया, जबकि दक्षिण में रोहतास, पूर्व में पटना और पश्चिम में जहानाबाद और अरवल जिला है. आरा शहर का नाम संस्कृत के अरण्य से लिया गया है जिसे जंगल कहते हैं. किवदंति है कि प्रभु श्रीराम के गुरु विश्वामित्र का आश्रम इसी इलाके में था. इस इलाके में सोन नदी का बालू काफी प्रसिद्ध है. 

Advertisement

संगीत, सिनेमा और साहित्य में बड़ा नाम
यह जिला संगीत, सिनेमा और साहित्य के लिए याद किया जाता है. यहां से निकले कलाकारों ने अपना बड़ा मुकाम बनाया है. जगजीवन राम बाबू जैसे बड़े नेता भी यहीं पैदा हुए. 

साक्षरता दर बेहद उम्दा
कुल 2395 स्क्वेयर किलोमीटर में फैले इस जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें और एक संसदीय सीट है. साक्षरता दर इस जिले की बिहार के कई जिलों से काफी बेहतर है. यहां 72.79 फीसदी लोग साक्षर हैं.  

2015 का जनादेश

इस जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनके नाम हैं-अगियांव, संदेश, शाहपुर, बड़हरा, तरारी, आरा और जगदीशपुर. आरा सीट की बात करें तो 2015 के चुनाव में इस सीट पर आरजेडी और बीजेपी में कांटे की टक्कर हुई थी. यहां से आरजेडी के मोहम्मद नवाज आजलम 70004 मतों के साथ नंबर एक पर रहे. दूसरे नंबर पर 69338 वोट के साथ बीजेपी प्रत्याशी अमरेंद्र रहे. अगियांव में जेडीयू ने बाजी मारी थी. जेडीयू के प्रभुनाथ प्रसाद 52276 वोट और बीजेपी के शिवेश 37572 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे.

Advertisement

तरारी विधानसभा सीट से सीपीआई नेता सुदामा प्रसाद 44050 वोट के साथ विजयी रहे. दूसरे नंबर पर एलजेपी की गीता पांडेय 43778 वोट के साथ थीं. जगदीशपुर सीट आरजेडी के पाले में रही. यहां आरजेडी के राम विशुन 49020 वोट और दूसरे नंबर पर रहे बीएलएसपी के राकेश राव को 38825 वोट मिले. शाहपुर से आरजेडी के राहुल तिवारी 69315 वोट के साथ पहले और 54745 वोट के साथ विश्वेश्वर दूसरे नंबर पर रहे. 
बड़हरा विधानसभा सीट पर आरजेडी ने कब्जा जमाया था. आरजेडी प्रत्याशी सरोज यादव 65001 वोट पाए. वहीं बीजेपी की आशा देवी को 51693 वोट मिले थे. संदेश सीट से आरजेडी के अरुण कुमार को 74306 वोट और बीजेपी के संजय 48879 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement