पुलिस हेड कांस्टेबल की 22 साल की बेटी प्रीति यादव ने सिविल सेवा परीक्षा में 466वीं रैंक हासिल कर पिता का नाम रौशन कर दिया है. उन्होंने यूपीएसई की परीक्षा अपने दूसरे प्रयास में पास की है.
हेड कांस्टेबल मुकेश यादव अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की और कहा - मैं 15 सालों से चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) के घर में तैनात था. जिसके बाद IGP बदलते गए. लेकिन उनसे मेरी बेटी काफी प्रेरित हुुई.
केश यादव ने बताया कि उस समय में अधिकारियों को देखते हुए सोचता था कि "मैं अपने बच्चों को इतनी अच्छी तरह से शिक्षित करूंगा ताकि एक दिन वे भी अधिकारी बन जाएं". बता दें प्रीति का परिवार चंडीगढ़ के सेक्टर 19 के सरकारी आवास में रहता है. इससे पहले वे बापू धाम कॉलोनी में रहते थे. प्रीति ने एक चैनल को इंटरव्यू देते हुए बताया कि "मैं अक्सर अपने पिताजी को अधिकारियों को सलाम करते हुए देखती थी. जिसके बाद मैंने भी बड़ा अधिकारी बनने का मन बना लिया था और यूपीएसई परीक्षा की तैयारी करनी शुरू की. आपको बता दें, 24 साल की प्रीति का बड़ा भाई IIT-रुड़की में इंजीनियरिंग कर रहा है.
पिता ने सालों से नहीं खरीदा था टीवी
प्रीति ने बताया कि उनके पिता पढ़ाई को लेकर काफी सीरियस थे. ऐसे में उनके पिता ने कई सालों तक टेलीविजन नहीं खरीदा था. ताकि बच्चे पढ़ाई में पूरा ध्यान लगाएं. अभी छह महीने पहले ही मां के लिए टेलीविजन सेट खरीदा है. प्रीति ने बताया कि मैं सोशल मीडिया पर बिल्कुल भी एक्टिव नहीं हूं. मुझे लगता ये ध्यान भटकाता है.
आपको बता दें, प्रीति के पिता का कहना है कि मैं दस घंटे की ड्यूटी करके आता था तब भी मेरी बेटी मुझे पढ़ती हुई दिखती थी. आज मुझे खुशी हो रही है. सभी रिश्तेदार बधाईयां दे रहे हैं. ये नतीजा प्रीति की मेहनत का है.
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