लखनऊ के कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल ने लड़कियों के लिए अपने दरवाजे खोलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. इस फैसले के चलते सैनिक स्कूल देश के पहले ऐसे स्कूल बन गए हैं, जिसमें अब लड़कियां भी पढ़ सकेगीं.
बता दें कि सैनिक स्कूल में अब तक सिर्फ लड़को को ही एडमिशन मिलता था. लेकिन बदलते समय के साथ ये प्रथा भी अब बदल गई है. सैनिक स्कूल ने को-एजुकेशन का आगाज कर दुनिया के सामने एक नई मिसाल कायम की है.
2018-2019 के लिए 7वीं और 9वीं क्लास के एडमिशन अगले साल से शुरु हो जांएगे. जिसके लिए इसी साल 25 सितंबर से फार्म जारी कर दिए गए हैं. फार्म भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर होगी.
एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी
एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को मान्यता प्राप्त स्कूल से क्लास 6 और 8 पास करना जरुरी है. साथ ही बता दें कि क्लास 9 में एडमिशन के लिए बालिकाओं की उम्र कम से कम 12 साल और अधिकतम 14 साल होनी चाहिए. एडमिशन से जुड़ी सभी जानकारी आपको स्कूल की वेबसाइट http://www.upsainikschool.org/wp-content/uploads/2017/09/Advertisement-Notification-Admissions_2018-19_Online.pdf पर मिल जाएगी.
स्कूल फीस
सैनिक स्कूल की फीस प्रति वर्ष Rs 35,000 होगी.
एडमिशन के लिए ये डाक्यूमेंट्स हैं जरुरी
-एडमिशन के लिए पिछले स्कूल का डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर द्वारा साइन किया हुआ ट्रांसफर सर्टिफिकेट है बेहद जरुरी.
-माता-पिता के कास्ट सर्टिफिकेट(SC/ST/OBC) की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी.
- 50 रुपए का स्पेशल स्टाम्प एग्रीमेंट.
- पिता का सेल्फ अटेस्टेड डोमिसाइल सर्टिफिकेट.
- एंटी रैगिंग एंड डोमिसाइल एफिडेविट
- नगर निगम द्वारा दिया गया स्टूडेंट्स का बर्थ सर्टिफिकेट.
- आधार कार्ड की फोटोकॉपी.
ऐसे होगा चयन
एडमिशन के लिए तीन लेवल पर टेस्ट कराया जाएगा. जिसमें इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट भी होंगे. एंट्रेंस एग्जाम राज्य के नौ सेंटर पर संचालित किया जाएगा. इसके साथ ही एडमिशन मेरिट लिस्ट के आधार पर मिलेगा, जिसके बाद चार साल तक लड़कियों को सेना की खास ट्रेनिंग दी जाएगी.
बता दें कि लड़कियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है, क्योंकि अब उनके पास एनडीए के साथ ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी भी होगी.
सैनिक स्कूल
1960 में लखनऊ में इस स्कूल की स्थापना हुई थी. वैसे तो अब तक पूरे देश में 25 सैनिक स्कूल खोले गए, लेकिन इन स्कूलों में पढ़ने के अधिकार सिर्फ लड़को को ही था. लेकिन अब से लड़कियां भी इन स्कूलों का हिस्सा बन पांएगी.