दिल्ली के प्रतिष्ठित लेखक रोनाल्ड विवियन स्मिथ ने 83 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली. उनके निधन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके उनके निधन पर शोक व्यक्त किया.
बता दें कि स्मिथ का जन्म साल 1938 में ग्वालियर आर्मी के कर्नल सल्वाडोर स्मिथ के परिवार में हुआ था. उन्होंने अपनी शिक्षा सेंट पीटर्स कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज से की जहां से उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नात्कोत्तर की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने 1956 से ही अखबारों के लिए लिखना शुरू कर दिया था.
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उन्होंने दिल्ली में समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) और द स्टेटसमैन अखबार के लिए काम किया. साल 1996 में वह समाचार संपादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उनकी प्रमुख किताबों में दिल्ली : अननोन टेल्स ऑफ ए सिटी’, ‘द दिल्ली दैट नो वन नोज’ आदि शामिल हैं. उन्होंने ताजमहल पर भी एक किताब लिखी है.
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उन्हें पुरानी ऐतिहासिक जगहों पर जाना और उनके बारे में लिखना बहुत पसंद था. इस बारे में स्मिथ खुद कहते थे कि उनकी परवरिश एक भूतिया घर में हुई. ये 1860 के दशक के आसपास बनाया गया था और जिसमें कहानियों, भूतों और आत्माओं का भी हिस्सा था. उनकी चाचियां और बड़ी बहनों ने उन्हें बताया था कि कैसे सफेद साड़ियों में औरतें घर की अंधेरी कोठरी में दिखाई देती थीं.
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आरवी स्मिथ को इतिहास, पुरातनता, एजिप्टोलॉजी (मिस्र की भाषा, इतिहास और सभ्यता का अध्ययन), रहस्यवाद की जानकारी हासिल करना और उन पर लिखना पसंद था.
केजरीवाल ने किया ये ट्वीट
हमारे शहर के क्रॉनिकलर आरवी स्मिथ का निधन हो गया. उनके काम ने हमारे शहर की यादों और कहानियों को जिंदा रखा है. उनका जाना दिल्लीवालों के लिए अपूर्णनीय क्षति है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और मित्रों के साथ हैं.
लेखक खुशवंत सिंह ने स्मिथ के बारे में एकबार कहा था कि बात जब दिल्ली के ज्ञात, कम ज्ञात और अज्ञात स्मारकों के बारे में लिखने की आती है तो आर. वी. स्मिथ से बेहतर इस काम को और कोई नहीं कर सकता.
क्यों केजरीवाल ने कहा क्रॉनिकलर
बता दें कि क्रॉनिकलर का हिंदी मतलब है इतिवृत्त लेखक. यानी ऐसा लेखक जो किसी भी काल की घटनाओं को बिना किसी संदर्भ या परिप्रेक्ष्य के सीधे-सीधे, सिलसिलेवार तरीके से लिखता है. उसमें इतिहास और पुरातनता का एक पुट होता है, जिससे वो लेखन पूरी तरह जीवंत हो जाता है. दिल्ली की पुरातनता को इसी तरह जीवंत लेखन में बदलने वाले लेखक के तौर पर स्मिथ हमेशा याद किए जाएंगे. इसी तरह आगरा को भी उन्होंने अपने लेखन से बेहद खूबसूरती से उकेरा है.
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