कई कॉलेज में कपडों के लेकर अजीबोगरीब नियम बनाए जा रहे हैं. जहां हैदराबाद के गर्ल्स कॉलेज ने लड़कियों को सूट पहनने पर अजीब फरमान सुना दिया है, वहीं अब झारखंड के एक कॉलेज का मामला सामने आया है जिसमें एक छात्रा को बुर्का पहनने के कारण डिग्री नहीं दी गई.
दरअसल रांची के मारवाड़ी कॉलेज की ग्रेजुएशन सेरेमनी में डिग्री लेने आई ओवर ऑल बेस्ट ग्रेजुएट निशत फातिमा रविवार को समारोह में डिग्री नहीं ले सकी.
उसे कार्यक्रम में डिग्री लेने से रोक दिया गया. निशत ने सत्र 2011-14 में मारवाड़ी कॉलेज से ग्रेजुएशन की थी. निशत को नहीं मालूम था कि बुर्का पहनकर डिग्री लेने आना इतना तकलीफदेह होगा. निशत ने ग्रेजुएशन में बीएससी गणित ऑनर्स में 93 फीसदी अंक हासिल किए थे. उन्हें कॉलेज में सभी विषयों में उसे सबसे अधिक अंक मिले थे.
बता दें, निशत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुर्का पहन कर आई थी. समारोह में गोल्ड मेडल के लिए उसका नाम पुकारा गया. उसे सबसे पहले मेडल लेना था.
वहीं नाम बुलाने के साथ ही मंच से घोषणा कर दी गई कि वह कॉलेज द्वारा तय ड्रेस कोड में नहीं है, इस कारण उसे समारोह में डिग्री नहीं दी जाएगी.इसके बाद वह मंच पर नहीं चढ़ी. जिसके बाद दूसरे टॉपर्स को मेडल और डिग्री देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. ड्रेस कोड तय होने के बावजूद बुर्के में आने पे निशत के पिता मुहम्मद इकरामुल हक ने कहा कि बुर्का हमारी परंपरा में शामिल है. बता दें, टॉपर्स को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने डिग्री प्रदान की.
क्या था ड्रेस कोड
ग्रेजुएशन सेरेमनी को लेकर कॉलेज की ओर से ड्रेस कोड तय किया गया था. जिसमें छात्र को सफेद रंग का कुर्ता पायजामा और छात्राओं को सलवार-सूट, दुपट्टा या साड़ी ब्लाउज में आना था. इसके लिए कॉलेज ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था.
सत्यजीत कुमार