दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में प्रवेश प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है. वहीं प्रवेश परीक्षाओं के जरिए होने वाली परीक्षाओं में बदलाव की भी बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि डीयू की प्रवेश परीक्षा का आयोजन जेएनयू की तर्ज पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से किया जाएगा. डीयू की दाखिला समिति ने एनटीए को इसका प्रस्ताव भेज दिय है. प्रवेश परीक्षा संबंधी नियमों के बारे में एसी (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक में चर्चा की जाएगी. यहां चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा.
डीयू में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिये एनटीए की मदद लेने की तैयारी कर रहा है. डीयू इसके लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को जिम्मेदारी देने की योजना बना रहा है. इस प्रस्ताव को प्रवेश समिति ने मंजूरी भी दे दी है और पहले ही एनटीए तक पहुंच गई है.
महानिदेशक, एनटीए, विनीत जोशी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि हमें पहले ही प्रस्ताव मिल चुका है, उन्होंने डीयू में प्रवेश परीक्षा के नियम भी तय कर लिए हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन राजीव गुप्ता ने कहा कि एनटीए से डीयू प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए कहने का प्रस्ताव है. परीक्षा केवल उन पाठ्यक्रमों के लिए होगी जिनके लिए पहले से इसे कराया जा रहा है. परीक्षा के लिए पैटर्न और सेलेबस भी समान ही रहेंगे.
दूरदराज के छात्रों को मिलेगा
अकादमिक परिषद के सदस्य और प्रवेश समिति के पूर्व सदस्य प्रो हंसराज का कहना है कि यह एक अच्छी पहल है. प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन ने का प्रस्ताव लंबे समय से चर्चा में है. इसके लागू करने से गांवों में रह रहे बच्चों को फायदा होगा. छात्र कहीं से भी डीयू की प्रवेश परीक्षा का हिस्सा बन सकते हैं. प्रो सुमन का कहना है कि डीयू के प्रवेश परीक्षा प्रस्ताव पर अभी तक अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में चर्चा नहीं की गई है। एसी की अगली बैठक में इस पूरी प्रक्रयिा में बदलाव पर चर्चा किए जाने की संभावना है.
डीयू में इन कोर्सेज के लिए होती हैं प्रवेश परीक्षाएं
वर्तमान में बीकॉम (ऑनर्स), पत्रकारिता पाठ्यक्रम, बीबीए, बीएफए, एलिमेंटरी एजुकेशन म्यूजिक, ह़यूमैनिटी एंड सोशल साइंस, फिजिकल हेल्थ एजुकेशन एंड स्पोटर्स, बीटेक इन इंर्फोमेटिक्स एंड मैथमेटिक्स.
JNU में एनटीए से प्रवेश परीक्षा पर उठे हैं सवाल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमसीक्यू (मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चंस) आधारित प्रवेश परीक्षा आयोजित करने को लेकर जेएनयू छात्र संघ ने कई सवाल खडे किए. छात्र संघ ने एमसीक्यू आधारित परीक्षा के बारे में कहा है कि इस तरीके से सीखने और शोध के लिए छात्र की क्षमता के विभिन्नपहलुओं का आकलन कैसे किया जा सकता है. छात्रसंघ अध्यक्ष एन साईं बालाजी ने इस पूरी प्रक्रिया को गरीब विरोधी करार दिया है. उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की दिक्कत रहती है, वहां किस तरह यह परीक्षा आयोजित की जा सकेगी.
aajtak.in / प्रियंका शर्मा