NEET 2018: सभी भाषाओं के लिए होगा एक ही पेपर, अंग्रेजी का होगी अनुवाद

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानि नीट में सभी उम्मीदवारों को एक जैसा ही पेपर दिया जाएगा, चाहे वो किसी भी भाषा में परीक्षा दे रहे हो. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को कॉमन पेपेर होने की बात कही है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 3:24 PM IST

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानि नीट में सभी उम्मीदवारों को एक जैसा ही पेपर दिया जाएगा, चाहे वो किसी भी भाषा में परीक्षा दे रहे हो. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को कॉमन पेपेर होने की बात कही है. सीबीएसई ने यह फैसला पिछले साल हुए विवाद को लेकर दिया गया है. सीबीएसई के इस फैसले के बाद सभी परीक्षार्थियों को एक डिफिकल्टी लेवल का प्रश्न पत्र दिया जाएगा.

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बता दें कि पहले हर भाषा में अलग पेपर छपता था, जिसका डिफिकल्टी लेवल भी अलग-अलग होता था, जिसको लेकर पिछले साल विवाद हो गया था. कुछ छात्रों का आरोप था कि रिजनल भाषाओं में पेपर आसान था, जिसकी वजह से कोर्ट ने रिजल्ट पर भी रोक लगा दी थी. इस विवाद के बाद से अब एक कॉमन पेपर का फैसला लिया गया है.

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इस फैसले के अनुसार सिर्फ एक भाषा अंग्रेजी में पेपर तैयार होगा और उसी पेपर को हर भाषा में ट्रांसलेट किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले साल 12 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया था और यह दस भाषाओं में करवाया गया था. कोर्ट

 ने सीबीएसई को एक जैसा पेपर करवाने की सलाह दी थी.

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NEET में नहीं बैठ पाएंगे ओपन लर्निंग स्टूडेंट, MCI ने दिया आदेश

बता दें कि सरकार ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए एक कॉमन टेस्ट करवाने का फैसला किया है, जिसकी रैंक के आधार पर उम्मीदवारों को रैंक का बंटवारा किया जाता है. हाल ही में नीट के संदर्भ में एक आदेश आया था, जिसके अनुसार ओपन लर्निंग से डिग्री लेने वाले उम्मीदवार नीट में भाग नहीं ले सकेंगे.

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