जयपुर में ईडी मामलों की विशेष अदालत में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले पर सुनवाई चल रही है. इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 47 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है. यह चार्जशीट उदयपुर के बेकरिया थाने में वर्ष 2022 में दर्ज केस के संदर्भ में दाखिल की गई है. इससे पहले एसओजी ने इस मामले में 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की थी.
एसओजी के एडीजी वीके सिंह के अनुसार, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं - एक सुखेर थाने में और दूसरी बेकरिया थाने में. सुखेर थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने एक बस को पकड़ा था जिसमें पेपर लीक के लाभार्थी अभ्यर्थी बैठे हुए थे. गिरफ्तार किए गए इन अभ्यर्थियों को कोर्ट ने बाद में जमानत पर रिहा कर दिया था. अब इनके खिलाफ जांच अधिकारी प्रकाशचंद्र शर्मा ने आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया है.
मामले में विशेष लोक अभियोजक भंवर सिंह चौहान ने बताया कि पेपर लीक के इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने भी कार्रवाई की है. इसके चलते उदयपुर कोर्ट से दोनों मामलों को स्थानांतरित कर ईडी मामलों की विशेष अदालत में लाया गया है. अब इस अदालत में पेपर लीक और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दोनों केसों पर सुनवाई जारी रहेगी, जिससे आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके.
सुरेश ढाका घोषित किया भगौड़ा
इस मामले में कुख्यात पेपर माफिया सुरेश ढाका सहित कई आरोपी अभी भी फरार हैं. कोर्ट ने इन्हें भगौड़ा घोषित किया है और अब उनके खिलाफ इश्तहार भी जारी किए जाएंगे ताकि उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके. सुरेश ढाका को लेकर गृह विभाग ने सुरेश ढाका का पता बताने वाले को इनाम देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि सुरेश नेपाल के रास्ते थाईलैंड भाग गया है. सेकंड ग्रेड टीचर परीक्षा के दौरान, उदयपुर के सुखेर में पेपर लीक करते समय उसके गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जिसके बाद वह फरार हो गया. सुरेश ढाका पर अब तक राजस्थान में एक दर्जन से अधिक परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले दर्ज हैं.
प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी
बता दें कि 24 दिसंबर 2022 को राजस्थान में सेकंड ग्रेड अध्यापकों की भर्ती के लिए परीक्षा होनी थी. परीक्षा शुरू होने से पहले ही इसका पेपर बाहर घूमने लगा, सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो गया. बात अधिकारियों तक पहुंच गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने आनन-फानन में शुरू होने से ठीक पहले परीक्षा को रद्द करने का ऐलान कर दिया था. इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है
शरत कुमार