योग करने के कई तरह के स्वास्थय लाभ होते हैं. डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी योग करने की सलाह देते हैं. इससे ना सिर्फ शरीर फिट रहता है बल्कि बीमारियां भी कोसों दूर रहती है. पिछले कुछ सालों में लोग फिर योग में रुचि दिखाने लगे हैं. हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाता है.
संस्कृत से लिया गया शब्द 'योग' का अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य योग का अभ्यास करने के कई लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 सितंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र के उद्घाटन भाषण के दौरान प्रस्तावित किया गया था. इस दिन हर साल लाखों लोग योग करने करते हैं.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की यात्रा असाधारण रही है. 2018 में 9.59 करोड़ लोग इससे जुड़े लेकिन हर साल यह आंकड़ा बढ़ता ही गया है. 2024 में, दुनिया भर में लगभग 24.53 करोड़ लोग इस उत्सव में शामिल हुए, जिससे इस आयोजन की वैश्विक अपील का पता चलता है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन गया है, जो विभिन्न देशों में लाखों लोगों को एकजुट कर रहा है.
इस साल ये है योग दिवस की थीम
इस वर्ष 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, जिसका विषय है “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग.” साल 2018 में 9.59 करोड़ योग दिवस में जुड़े थे, इसके बाद 2019 में यह संख्या बढ़कर 13 करोड़ पहुंच गई थी. फिर अगले साल 2020 में दुनियाभर से 12.6 करोड़ लोग जुड़े. 2021 में यह संख्या 15.68 करोड़ तक पहुंची. इसके बाद 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 22.13 करोड़ हुआ. 2023 में अंतराष्ट्रीय योग दिवस से 23.44 करोड़ लोग जुड़े. साल 2024 में कुल 24.53 करोड़ लोग जुड़े.
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