NEET PG Admission 2021: मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज़ में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटे की खाली सीटों को भरने के लिए अलग से काउंसलिंग कराने की मांग की जा रही है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और MCC को आज हलफनामा दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने हलफनामे में बताने को कहा है कि सीटें क्यों खाली थीं और वह क्यों नहीं भरी गईं. सुप्रीम कोर्ट कल मामले में फिर सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप छात्रों के भविष्य नहीं खेल सकते है. आप सीटें खाली नहीं छोड़ सकते हैं, आपको मॉप-अप राउंड आयोजित करना चाहिए. कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप को मई में पता चला गया था कि सीट खाली हैं तो आपने मॉप-अप राउंड क्यों आयोजित नहीं किया?
कोर्ट ने कहा कि आपको सीट खाली रखकर क्या मिलेगा जब आपको डॉक्टर्स और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की ज़रूरत है. हम हेल्थ सर्विस के डायरेक्ट जनरल को कोर्ट में तलब करेंगे और आदेश पारित करेंगे. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1456 सीट अभी भी खाली हैं. NEET PG 2021 के रिजल्ट जारी होने के बाद भी ऑल इंडिया कोटे में डेढ़ हजार से ज्यादा सीटें खाली रहने से सुप्रीम कोर्ट ने सरकार पर नाराजगी जताई है.
सुप्रीम कोर्ट ने 2021-22 में सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में दाखिले को लेकर भी MCC को फटकार लगाई. कोर्ट ने पूछा कि क्या MCC की कोई जिम्मेदारी है या नहीं? बता दें कि सुपर स्पेशियलिटी में 1000 से ज्यादा सीटें खाली हैं. कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग के बीच में आप सीटें जोड़ रहे हैं. एक कट ऑफ होना चाहिए कि "x" तिथि के अनुसार सीटों को भरना होगा.
कोर्ट ने आगे कहा कि यदि आप प्रक्रिया के बीच में सीटें जोड़ते हैं तो आप एडमिशन में भ्रष्टाचार का मौका दे रहे हैं. देश को डॉक्टरों की जरूरत है. यदि छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जाता है तो हम एडमिशन में देरी के लिए उन्हें मुआवजा देने के आदेश पारित करेंगे. आप देरी नहीं कर सकते. इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? आपको समझाना होगा. समझाने के लिए अपने अधिकारियों को बुलाओ.
इस पर MCC के वकील ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप आज हलफनामा दाखिल कर सकते हैं. इसे हमें ई-मेल के माध्यम से भेजें. हम इसे कल सुनेंगे और आदेश पारित करेंगे. हमारे सामने कई याचिकाएं हैं. आपने 1000 छात्रों का अधिकार छीन लिया है. वे सभी इस अदालत में आएंगे क्योंकि आपने उनका अधिकार छीन लिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली में हर स्तर पर एक समस्या है. 99% नंबर मिलते हैं तो भी एडमिशन पाने में समस्या होती है. शिक्षा व्यवस्था में सुव्यवस्था क्यों नहीं है? क्या आप छात्रों और अभिभावकों के तनाव के स्तर को जानते हैं? मामले की अगली सुनवाई अब कल होनी है.
संजय शर्मा / अनीषा माथुर