उत्तराखंडः गर्भवती पत्नी की पहले की पिटाई और फिर दे दिया तीन तलाक

तीन तलाक पर बैन लगाए जाने के बाद यह अभी भी देश में जारी है. पीड़िता के पिता का कहना है कि दहेज में उसने कार और अन्य सामान भी दिया था, लेकिन उसके ससुराल वाले इसके बाद भी दहेज के लिए लगातार परेशान कर रहे थे. फिर गर्भवती होने के बाद उसको घर से निकाल दिया.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दिलीप सिंह राठौड़

  • लक्सर/रुड़की/देहरादून,
  • 03 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST

  • नवंबर 2018 में हुई थी शादी, ससुराल के 5 लोगों पर केस
  • दहेज के लिए लगातार परेशान कर रहे ससुराल वालेः पिता

आज से ठीक 5 दिन बाद भारत समेत पूरी दुनिया में महिला दिवस मनाया जाएगा, लेकिन आज भी देश में महिलाओं की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है.

केंद्र सरकार के तीन तलाक पर कानून बनाने के बाद भी तीन तलाक के मामले रुक ही नहीं रहे हैं. अभी एक नया मामला हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र का है, जहां गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट करने और उसे तीन बार तलाक बोलकर संबंध खत्म करने के मामले में पुलिस ने विवाहिता के शौहर समेत ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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लक्सर कोतवाली के संगीपुर गांव निवासी आलमगीर ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसने अपनी बेटी सारा का निकाह कोतवाली क्षेत्र के ही रणसुरा गांव निवासी मेहरबान के साथ 12 नवंबर 2018 को किया था.

आलमगीर के बताया कि दहेज में उसने कार और अन्य सामान भी दिया था, लेकिन उसके ससुराल वाले इसके बाद भी दहेज के लिए लगातार परेशान कर रहे थे. इस दौरान सारा गर्भवती हो गई, लेकिन इसके बाद भी मेहरबान और उसके परिजनों ने सारा के साथ मारपीट की तथा अब उसको घर से निकाल दिया.

पति समेत 4 अन्य पर केस

आरोप है कि मेहरबान ने उसे तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर उससे संबंध खत्म कर लिए. जानकारी मिलने के बाद वे लोग सारा के ससुराल पहुंचे और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपित उसके पति मेहरबान, ससुर इरफान, सास मेहरूबा, देवर शाहबाज और ननद के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है.

जान से भी मारने की कोशिशः भाई

पूरे मामले पर लक्सर के इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उपचार के दौरान हरिद्वार अस्पताल में पीड़िता सारा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अपने मायके में थी. पति के फोन करने पर जब वह ससुराल पहुंची तो पति घर पर नहीं था. घर पर सास-ससुर ने उसके साथ मारपीट की. उन लोगों ने जान से मारने की कोशिश भी की.

सारा ने आगे कहा कि इस बीच शोर-शराबा सुनकर मेरे पिताजी और मामा वहां पहुंचे और उन्होंने मुझे किसी तरह से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया.

पीड़िता सारा के बड़े भाई ने बताया कि जब वह वहां पहुंचे तो पीड़िता के गले में उसके ससुराल वाले फंदा डालकर मारने की कोशिश कर रहे थे, उसके साथ जबरदस्त मारपीट की गई लेकिन उसके पति ने तीन तलाक देकर उससे संबंध खत्म कर दिया.

जांच की जा रहीः SP

भाई ने कहा कि डॉक्टरों ने सारा की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर भेज दिया है फिर हमने उसे हरिद्वार के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया. कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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इस मामले में एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह से बात करने पर जानकारी मिली कि पहले तहरीर मिली थी, लेकिन मामले की सत्यता जांच कर तहरीर को मुकदमे में पंजीकृत किया गया. अभी 5 लोगों को मुकदमे में नामजद किया गया है. आगे की कार्रवाई जारी है.

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