पुणे: कर्नल पर गांववालों को धमकाने का केस दर्ज, सेना ने आरोपों से किया इनकार

सेना के एक कर्नल पर बंदूकधारी फौजियों के साथ मिलकर गांववालों को धमकाने और खेत की फसल बर्बाद करने का आरोप लगा है. इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. हालांकि सेना और कर्नल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

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सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- ANI) सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- ANI)

पंकज खेळकर

  • पुणे,
  • 26 जून 2019,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

महाराष्ट्र के खेड-राजगुरुनगर पुलिस थाने में सेना के कर्नल केदार गायकवाड़ के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 144 और 149 के तहत मामला दर्ज किया गया है. कर्नल गायकवाड़ पर बंदूकधारी फौजियों के साथ मिलकर गांववालों को धमकाने और खेत में फसल बर्बाद करने का आरोप है. इस सिलसिले में मंगलवार को कोल्हापुर रेंज के आईजी डॉ. सुहास वारके के साथ पुणे के पुलिस अधीक्षक खेड पुलिस स्टेशन पहुंचे.

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उन्होंने करीब दो घंटे तक उन सभी लोगों के बयान लिए, जो विवादित जमीन के खरीद-फरोख्त से जुड़े हैं. दोनों आला अधिकारियों ने विवादित जमीन और खेत का मुआयना किया, लेकिन मीडिया से बात किए बगैर ही निकल गए. इस दौरान जिस व्यक्ति ने कर्नल पर खेत और फसल बर्बाद करने का आरोप लगाया, उसने आजतक से खास बातचीत की. पीड़ित ने बताया कि उसने 65 एकड़ जमीन कर्नल गायकवाड़ के रिश्तेदारों से खरीदी है और जमीन खरीदने के दौरान सभी नियमों का पालन करते हुए किया.

वहीं, गुलानी गांव के पुलिस पाटिल (पुलिस मित्र) ने आजतक को बताया कि कर्नल पर लगे आरोप गलत है. खेत या फसल को फौजियों ने नुकसान नहीं पहुंचाया है. पुलिस पाटिल केतन ताम्बे  के मुताबिक फौजी भले ही गांव आए थे, लेकिन उन्होंने किसी को धमकाया नहीं. तीन-चार फौजी बन्दूक भी लिए थे, लेकिन उन्होंने फसल बर्बाद नहीं किया. पुलिस पाटिल के मुताबिक अब अदालत तय करेगी कि जमीन के खरीद-फरोख्त में फौजी और अधिकारी गलत हैं या शिकायत दर्ज कराने वाला.

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आजतक से विशेष बातचीत में कर्नल केदार गायकवाड़ के कहा कि उन्होंने गांव में न कोई दहशत फैलाई और न ही खेत व फसल को नुकसान पहुंचाया. कर्नल का आरोप है कि सुनील भरणे और परिजनों ने उनकी (कर्नल की) दादी का फेक डेथ सर्टिफिकेट बनाकर उनकी पुश्तैनी जमीन गैर कानूनी तरीके से खरीदी है.

उधर, पुणे में सेना के दक्षिण कंमांड ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि कर्नल केदार गायकवाड़ ने गांव में फौजी ट्रक ले जाकर कोई गलत काम नहीं किया है. इस खत में यह भी कहा गया कि फौजियों ने गांव में किसी भी तरह की कोई दहशत नहीं फैलाई. धमकाने की बात तो दूर किसी ने गांववालों से बात भी नहीं की. खत में कहा गया कि हैदराबाद आर्टिलरी सेंटर से नासिक के देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज पर तकरीबन 15 फौजी जा रहे थे. ऐसे में सफर के दौरान उन्होंने गुलानी गांव में खाने के लिए कुछ समय बिताया.

पत्र के मुताबिक कर्नल केदार गायकवाड़ पर जमीन विवाद को लेकर पुलिस में मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि कर्नल ने बंदूकधारी फौजियों की मदद से गांववालों को धमकाया और दहशत फैलाई. इस बारे में पुलिस तफ्तीश कर रही है.

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