जेलों में होगा सख्त कानून, कैदी के पास मोबाइल मिलने पर तो लगेगा 10 हजार का जुर्माना

अभी तक कैदियों के पास से प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर 6 महीने की सजा और 200 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है लेकिन अब इसे बेहद सख्त बनाया जा रहा है. अब प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर अब होगा 10 हजार रुपए जुर्माना और 3 साल की कैद.

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कैदियों के लिए अब जेल के अंदर कानून सख्त (फोटो-शि‍वेंद्र श्रीवास्तव) कैदियों के लिए अब जेल के अंदर कानून सख्त (फोटो-शि‍वेंद्र श्रीवास्तव)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

  • प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर अभी है 6 महीने की सजा और 200 रुपए के जुर्माने का प्रावधान
  • प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर अब होगा 10 हजार रुपए जुर्माना और 3 साल की कैद

उत्तर प्रदेश सरकार अब प्रदेश की जेलों में सख्ती बरतने के लिए जेल में मोबाइल रखने वाले अपराधियों को दंडित करने का नियम बनाने जा रही है. नए नियम के मुताबिक जेल में यदि किसी कैदी के पास मोबाइल पाया जाता है तो उसे 10 हजार रुपए जुर्माना और 3 साल और जेल की सलाखों के पीछे गुजारने होंगे. यह नियम अन्य प्रतिबंधित चीजों पर भी लागू होगा और इसके साथ साथ 25 हजार रुपए का जुर्माना भी किया जाएगा.

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दरअसल जेल के अंदर से कैदियों ने मोबाइल फोन के जरिए कई वारदातों को अंजाम दिया है और उसी के जरिए अपराधी जेल के अंदर से अपना नेटवर्क चलाते हैं. लिहाजा इस नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए सरकार ने फैसला लिया है. यदि कोई अपराधी जेल के भीतर से किसी अपराध को अंजाम देने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

अभी तक कैदियों के पास से प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर 6 महीने की सजा और 200 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है लेकिन अब इसे बेहद सख्त बनाया जा रहा है. इस प्रवधान के जरिए जेल के अंदर बंद अपराधी मोबाइल और प्रतिबंधित वस्तुओं के इस्तेमाल से डरेंगे. इस बीच जेल प्रशासन ने जेल मुख्यालय में 24 स्क्रीन वाली वीडियो वॉल लगा दी है, जिससे प्रदेश के सभी 72 जिलों में सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड हाई स्पीड इंटरनेट के जरिए मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम को मिलेगी.

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मुख्यालय में लगी वीडियो वॉल पर किसी भी जेल में चल रही गतिविधियों की निगरानी कभी भी की जा सकती है. प्रदेश के जेल विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर भी जेल से आ रही तस्वीरों को देख सकते हैं. उसके लिए प्रदेश की हर जेल में कम से कम तीन-तीन कैमरों को लगाया गया है जिससे लाइव फीड अधिकारियों के मोबाइल समेत कंट्रोल रूम में किसी भी वक्त देखी जा सकती है.

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