महाराष्ट्र: 17 साल की दिव्यांग को पड़ोसी ने बनाया हवस का शिकार

पीड़िता घर में अकेली थी और सोई हुई थी. तभी आरोपी युवक घर में घुस आया और लड़की को जबरन उठाकर ले गया. अंधेरा होने के चलते उसे ऐसा करते हुए किसी ने नहीं देखा. पड़ोस में ले जाकर आरोपी ने पीड़िता का रेप किया और वापस उसके घर छोड़ दिया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

आशुतोष कुमार मौर्य / पंकज खेळकर

  • वासिम (महाराष्ट्र),
  • 28 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

नाबालिग बच्चियों से रेप पर केंद्र सरकार ने फांसी की सजा मुकर्रर कर दी है, इसके बावजूद देश में नाबालिगों के साथ अत्याचार की घटनाएं रुकने का नाम ही नहीं ले रहीं. अब महाराष्ट्र के वाशिम जिले से एक 17 साल की दिव्यांग लड़की से रेप का मामला सामने आया है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. आरोपी 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि घटना मंगरुलपीर तहसील के चिखलागड गांव की है.

नेत्रहीन लड़की से रेप

पीड़िता के पिता ने 21 अप्रैल की शाम आसेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 17 साल की दिव्यांग बेटी के साथ 18 अप्रैल की देर शाम पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने रेप किया. बेटी बोलने और सुनने में असमर्थ है.

18 अप्रैल को देर शाम करीब 8.30 बजे के आस-पास यह घटना घटी. उस वक्त पीड़िता की मां गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गई हुई थीं, जबकि पिता कुछ काम से गांव से बाहर थे.

पीड़िता घर में अकेली थी और सोई हुई थी. तभी आरोपी युवक घर में घुस आया और लड़की को जबरन उठाकर ले गया. अंधेरा होने के चलते उसे ऐसा करते हुए किसी ने नहीं देखा. पड़ोस में ले जाकर आरोपी ने पीड़िता का रेप किया और वापस उसके घर छोड़ दिया.

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पीड़िता की मां जब घर लौटी तो देखा कि उनकी बेटी बेहद घबराई हुई है. मां ने जब पूछा कि क्या हुआ तो पीड़िता ने इशारों में अपने साथ रेप की बात बताई. पुलिस ने बताया कि पीड़िता के जिस्म पर खरोंच के निशान भी पाए गए.

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