दुजाना ने आर्मी अफसर से कहा था- बधाई हो, आपने घेर लिया पर मैं सरेंडर नहीं करूंगा

मंगलवार को कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए लश्कर कमांडर अबु दुजाना ने एनकाउंटर से ठीक पहले सरेंडर करने से इंकार कर दिया. एक आर्मी अफसर और दुजाना के बीच फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से इस बात का खुलासा हुआ है.

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लश्कर कमांडर अबु दुजाना लश्कर कमांडर अबु दुजाना

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST

मंगलवार को कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए लश्कर कमांडर अबु दुजाना ने एनकाउंटर से ठीक पहले सरेंडर करने से इंकार कर दिया. एक आर्मी अफसर और दुजाना के बीच फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से इस बात का खुलासा हुआ है. दुजाना ने अफसर से कहा कि 'मुबारक हो आपको, आने मुझे पकड़ लिया, लेकिन मैं सरेंडर नहीं करूंगा. मैंने जिहाद के लिए अपना घर छोड़ा है. मेरे साथ जो करना है कर लीजिए.'

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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक आर्मी अफसर ने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से दुजाना से फोन पर संपर्क किया. अबु दुजाना ने फोन पर कहा, 'क्या हाल है? मैंने पूछा, क्या हाल है?' इस पर अफसर ने कहा, 'मेरा हाल छोड़ दुजाना. तुम सरेंडर क्यों नहीं कर देते? तुमने एक लड़की से शादी की है. तुम जो कर रहा हो वो सही नहीं है. कश्मीर के लोगों को परेशान करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां तुम्हारा इस्तेमाल कर रही हैं.'

इस पर दुजाना ने अफसर को जवाब दिया, 'हम निकले थे शहीद होने. मैं क्या करूं. जिसको गेम खेलना है, खेलो. कभी हम आगे, कभी आप, आज आपने मुझे पकड़ लिया. मुबारक हो आपको. जिसको जो करना है कर लो. मैं सरेंडर नहीं कर सकता. जो मेरी किस्मत में लिखा होगा, अल्लाह वही करेगा, ठीक है?' अफसर ने उससे कहा कि तुम्हें अपने माता-पिता की चिंता होनी चाहिए. तुम उनके पास लौट सकते हो. तुम ये सब क्यों कर रहे हो.

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अबु दुजाना ने पहली ऑन रिकॉर्ड स्वीकारा की वह पाकिस्तान के गिलगिट-बलिस्तान का रहने वाला है. जिहाद के लिए अपना परिवार छोड़कर कश्मीर घाटी में आया है. दुजाना ने कहा, 'मेरे मां-बाप तो उसी दिन मर गए, जिस दिन मैं उनको छोड़ कर आया.' इस अफसर ने कहा भारतीय सेना पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकियों से खून-खराबा नहीं चाहती है. अल्लाह हर किसी के लिए है. इस पर दुजाना ने कहा कि वह गेम समझ रहा है.

बताते चलें कि कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट के तहत सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंक के पर्याय बन गए लश्कर कमांडर अबु दुजाना को पुलवामा के हाकरीपोरा गांव में मार गिराया गया था. सीमा पार से गरीब युवाओं को जब हिंदुस्तान में खून बहाने के लिए भेजा जाता है तो इनको भरोसा दिलाते हैं कि यदि मारे गए तो जन्नत जाओगे. वहां 72 हूरें तुम्हारा इंतजार कर रही होगी. 30 लाख का इनामी अबू दुजाना उन्हीं हूरों के बीच पहुंच गया.

 

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