लखनऊ: पूर्व MLC के बेटे ने शोरूम में घुसकर मारी गोली, वारदात CCTV में कैद

शनिवार की शाम आशुतोष ने टाइल्स कारोबारी के शोरूम में घुसकर उसे गोली मार दी. टाइल्स कारोबारी दुर्गेश की शनिवार की देर रात ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई.

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सीसीटीवी में कैद हुई हत्या की वारदात सीसीटीवी में कैद हुई हत्या की वारदात

आशुतोष कुमार मौर्य

  • लखनऊ,
  • 20 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व MLC के बेटे की गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. देवरिया के पूर्व एमएलसी जयप्रकाश जायसवाल के बेटे आशुतोष जायसवाल ने पैसों के लेन-देन के विवाद में एक टाइल्स कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

घटना लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र की है. बीते शनिवार की शाम आशुतोष ने टाइल्स कारोबारी के शोरूम में घुसकर उसे गोली मार दी. टाइल्स कारोबारी दुर्गेश की शनिवार की देर रात ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है.

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पुलिस ने बताया कि दुर्गेश मूल रूप से देवरिया का रहने वाला था और दिल्ली में कारोबारी की शुरुआत की थी. हालांकि आशुतोष के मशविरे पर ही उसने लखनऊ में कारोबार शिफ्ट कर लिया था. जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश और आशुतोष एकदूसरे को करीब चार साल से जानते थे.

पुलिस ने दुर्गेश के ममेरे भाई अवनीश की तहरीर पर आशुतोष और उसके ड्राइवर संतराम के खिलाफ केस दर्ज किया. हत्यारोपी आशुतोष के मुताबिक, दुर्गेश के साथ उसका विवाद 3 करोड़ रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था.

अपने परिवार में दुर्गेश अकेला कमाने वाला था. दुर्गेश के परिवार में उसकी पत्नी अंजना, मां, 14 वर्षीय एक बेटी गुंजा और 11 वर्षीय एक बेटा हंस है. करीब तीन माह पहले ही दुर्गेश के पिता की बीमारी के चलते मौत हो गई थी.

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दुर्गेश के साथी दीपक, सुधांशु और ममेरे भाई अवनीश ने बताया कि दुर्गेश पर आशुतोष की कोई देनदारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि उल्टे दुर्गेश ने जब आशुतोष के साथ धंधा शुरू किया था, तो 50 लाख रुपयों का निवेश किया था.

लेकन कुछ ही समय बाद आशुतोष कारोबार में मनमानी करने लगा था और शराब का अपना अगल कारोबार शुरू कर दिया था. साथ ही वह दुर्गेश से अक्सर रुपयों की डिमांड करता रहता था. इन सबसे परेशान होकर दुर्गेश ने तीन माह पहले अपना कारोबार अलग कर लिया था.

उन्होंने बताया कि इसके बाद आशुतोष अक्सर दुर्गेश को पैसों के लिए परेशान करने लगा. दुर्गेश ने शनिवार को आशुतोष को हिसाब करने के लिए बुलाया था. शनिवार को आशुतोष दुर्गेश के शोरूम पहुंचा. उनके बीच वहां पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा शुरू हो गया और आशुतोष ने दुर्गेश को गोली मार दी.

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