दिल्ली महिला आयोग द्वारा एनजीओ लव कमांडो के शेल्टर होम पर छापे और इसके अध्यक्ष संजय सचदेवा की गिरफ्तारी के बाद से उस शेल्टर होम में प्रताड़ना और अवैध वसूली के कई मामले सामने आए हैं.
पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे लोगों ने दिल्ली महिला आयोग में ईमेल और फोन से शिकायतें दर्ज कराई हैं जिनको शेल्टर के मालिक संजय सचदेवा और उनके कर्मचारियों हर्ष और सोनू ने प्रताड़ित किया था. इन शिकायतों को देखने पर पता चला कि इनको प्रताड़ित करने का तरीका एक जैसा था. इनसे अवैध वसूली करना, जबरन कैद रखना, प्रमाण पत्र छीन कर रख लेना, जबरन शराब पिलाना, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना.
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि संजय सचदेवा अदालत द्वारा जारी किए गए उनके शादी के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, कॉलेज की डिग्री और आधार कार्ड की मूल प्रति अपने पास रख लेता था. महिलाओं को बर्तन साफ करने पड़ते थे और साफ सफाई करनी पड़ती थी, यही नहीं उनसे और अधिक पैसे की मांग की जाती थी. जो लोग पैसे दे देते थे उनके प्रमाण पत्र वापस मिल जाते थे और उनको शेल्टर होम छोड़ के जाने दिया जाता था. बाकियों को जबरन शेल्टर होम में रखा जाता था और उनको प्रताड़ित किया जाता था.
महिला आयोग ने अब शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को पत्र लिखा है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा,“एनजीओ लव कमांडो के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर आयोग बहुत चकित है. एनजीओ के मालिक ने टीवी कार्यक्रम सत्यमेव जयते से मिलने वाली ख्याति का अनुचित फायदा उठाया और अपने गलत इरादों को पूरा करने के लिए इसका सहारा लिया.
स्वाति मालीवाल ने कहा कि युवा जोड़ों की सहायता करने के नाम पर उसने अवैध वसूली का एक धंधा खोल लिया था. मुझे उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस मामले की पूरी तरह से जांच करेगी और एनजीओ के मालिक और उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”
राम किंकर सिंह