दिल्ली के पॉश इलाकों में से एक घिटोरनी में कसीनो पकड़ा गया है. पुलिस को खबर मिली थी कि घिटोरनी के एक होटल में यह कसीनो चल रहा है. इसके बाद पुलिस टीम ने सोमवार को छापेमारी की. इस दौरान 58 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
कसीनो पर हुई छापेमारी में जांच के बाद कई हाई प्रोफाइल चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं. छापेमारी में कसीनो टेबल, कोइन्स और 11 लाख रुपया कैश बरामद किया गया है. फिलहाल, आरोपियों को पुलिस कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही है.
दिल्ली पुलिस ने रविवार देर रात साउथ दिल्ली के घिटोरनी इलाके में एम जी रोड पर एक मुखबिर की सूचना पर भारी फोर्स के साथ छापा मारा और अवैध तरीके से चल रहे कसीनो का पर्दाफाश किया. पुलिस ने कसीनो खेलने आए 58 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की छापेमारी में लाखों रुपये कैश और वर्चुअल करेंसी बरामद हुई है.
छापेमारी के बाद खुले राज
साउथ वेस्ट डीसीपी के मुताबिक काफी वक्त से इनपुट मिल रहा था कि साउथ दिल्ली इलाके में कुछ होटल्स और फार्म हॉउस में अवैध कसीनो चल रहे हैं, जिसके बाद इलाके की टीम को और मुखबरों को एक्टिव किया गया.
रविवार को खबर मिली कि घिटोरनी इलाके के होटल इम्पीरिया में कसीनो चल रहा है, जिसमें लोग जुआ खेल रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस की भारी फोर्स बुलाई गई और होटल में छापा मारा गया. होटल के अंदर का नज़ारा देख कर पुलिस के होश उड़ गए. हर तरफ कसीनो के बड़े बड़े बोर्ड रखे हुए थे और उस पर जुआ चल रहा था. साथ ही शराब परोसी जा रही थी.
58 लोग गिरफ्तार
होटल में मौजूद 58 लोगों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. घटनास्थल से 11 लाख कैश और 80 लाख रुपये के कीमत की 6 हज़ार कसीनो टोकन बरामद किए और 5 कसीनो टेबल जब्त किए. कसीनो का काला कारोबार व्हाट्सएप के जरिए हो रहा था.
ऐसा चलता था काला कारोबार
मिली जानकारी के मुताबिक कसीनो के कारोबार को चलाने वालों में साजिद जो जिम का मालिक है, भक्ति जो बिजनसमैन है और जगजीत जो फिलहाल फरार है शामिल हैं. ये दिल्ली के अलग अलग इलाकों में कसीनो चलवाते हैं.
ये कभी कोई होटल किराये पर लेते हैं या फार्म हॉउस. वहीं अस्थायी कसीनो बना देते हैं. उसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जुआ खेलने वाले बड़े व्यापारियों को लोकेशन भेजते हैं. इस बात की हमेशा सावधानी बरती जाती थी कि पुलिस को इसकी भनक ना लगे
. पुलिस मास्टरमाइंड साजिद और भक्ति को कोर्ट में पेश कर हिरासत में लेगी और जगजीत की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है.
अरविंद ओझा