मुंबई में मीरा रोड मर्डर केस में आरोपी मनोज साने सरस्वती वैद्य की हत्या करने के लिए पेड़ काटने वाला कटर लेकर आया था. कटर की चेन उतर गई थी. जिसे ठीक कराने के लिए वह भायंदर की एक दुकान पर गया था. पुलिस का कहना है कि मनोज 4 जून को सरस्वती का मर्डर करने के बाद कटर लेकर दुकान पर पहुंचा था. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनोज ने सरस्वती की हत्या कैसे की. पुलिस को शक है कि मनोज ने चाकू से वार कर घटना को अंजाम दिया था.
पुलिस के अनुसार, सरस्वती की हत्या के आरोपी ने जिस जगह से लड़की काटने वाले कटर की मरम्मत करवाई थी, उस जगह का पता चल गया है. उस दुकान का नाम कार्तिक इंटरप्राइज बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि चार दिन पहले इसी दुकान पर मनोज साने पहुंचा था और दुकानदार ने कटर को ठीक किया था. कटर का चैन उतर गया था. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सरस्वती की हत्या करने का मकसद क्या था. पुलिस ने कहा कि पूरी घटना सुनियोजित है.
तीन साल से मनोज के साथ लिव-इन में रह रही थी सरस्वती
पुलिस का कहना है कि 36 साल की सरस्वती वैद्य राशन की दुकान पर काम करने वाले मनोज साने के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. ये दोनों मीरा रोड पूर्व में गीता आकाशदीप बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर पिछले तीन साल से रह रहे थे. मनोज के पड़ोसी ने बुधवार को साने के फ्लैट से दुर्गंध महसूस की. जब पड़ोसी ने मनोज से पूछा कि बदबू कहां से आ रही है तो मनोज घबरा गया.
काला बोरा लेकर निकला था मनोज, लोगों को शक हुआ तो पुलिस को दी खबर
पुलिस का कहना है कि पड़ोसियों ने बताया कि मनोज साने एक काला बोरा लेकर अपने फ्लैट से बाहर निकला था, उसने लोगों से कहा था कि वह रात 10.30 बजे तक लौटेगा. पड़ोसियों को शक हुआ तो सूचना पुलिस को दी. इसके बाद पुलिस मनोज के फ्लैट पर पहुंची और दरवाजा खटखटाया. जब काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ा दिया. वहां से दुर्गंध आ रही थी.
कुकर में लाश के टुकड़े, अधजली हड्डियां, बाल्टी और टब में खून
मनोज के फ्लैट में बेडरूम में पुलिस को एक प्लास्टिक बैग और खून से सनी आरी मिली. इस दौरान पुलिस जब रसोई में घुसी तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. पुलिस ने देखा कि रसोई में रखे एक प्रेशर कुकर और कुछ बर्तनों में उबला हुआ इंसानी मांस रखा था. वहीं फर्श पर महिला के बाल पड़े मिले. इसके अलावा अधजली हड्डियां और मांस सिंक, बाल्टी और टब में पड़ा था.
4 जून को मनोज ने कर दी थी सरस्वती की हत्या, धीरे-धीरे ठिकाने लगा रहा था लाश
प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि संभवत: मनोज साने ने 4 जून को वैद्य की हत्या कर दी और वह बॉडी पार्ट्स को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने बताया कि 'साने यह दावा करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है कि उसके लिव-इन पार्टनर ने आत्महत्या की है, लेकिन पूरी पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी.' मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस के डीसीपी-जोन I जयंत बाजबले ने कहा कि बॉडी पार्ट्स मुंबई के जेजे अस्पताल में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं.
16 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया आरोपी मनोज
नया नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मनोज साने के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूतों को नष्ट करना) के तहत केस दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे के मकसद का पता नहीं चल पाया है. इसके बाद पुलिस ने 56 वर्षीय मनोज साने को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने मनोज साने को 16 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है.
मनोज साने के पड़ोसी बोले- पहले लगा चूहे के मरने से बदबू आ रही है
मनोज के पड़ोसियों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि फ्लैट से आने वाली दुर्गंध किसी चूहे के मरने की वजह से है, लेकिन जब पुलिस ने पड़ताल की तो सभी हैरान रह गए. एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि आरोपी ने अपने फ्लैट में दुर्गंध कम करने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया था.
वहीं मोहल्ले के एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि अब तक हमने टीवी सीरियलों में ऐसी घटनाएं देखी हैं, लेकिन इस तरह की वारदात हमारे ही इलाके में हो गई.
पड़ोसियों ने बताया कि मनोज और सरस्वती ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे. दोनों को कभी झगड़ते नहीं सुना. पड़ोसियों ने बताया कि मनोज साने पिछले कुछ दिनों से आवारा कुत्तों को कुछ खिला रहा था, जबकि पहले उसे कुत्तों को खिलाते कभी नहीं देखा.
पुलिस ने जब पूछताछ की तो क्या बोला आरोपी?
आरोपी मनोज साने ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा कि उसने सरस्वती वैद्य की हत्या नहीं की. मनोज ने पुलिस को बताया कि सरस्वती ने 3 जून को जहर खाकर सुसाइड कर लिया था, जिससे वह डर गया और उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की. पुलिस को दिए बयान में मनोज ने कहा कि तीन जून को जब वह घर पहुंचा तो सरस्वती जमीन पर पड़ी थी, उसके मुंह से झाग निकल रहा था.
मनोज ने पुलिस को बताया कि जब गौर से देखा तो सरस्वती की मौत हो चुकी थी. इसके बाद वह डर गया. उसने सोचा कि आरोप उसी पर आ जाएगा, इसलिए शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया. मनोज ने बताया कि उसने पहले बॉडी पार्ट्स को कटर से काटा. इसके बाद उन्हें प्रेशर कुकर में उबाला, ताकि मांस और हड्डियां अलग हो जाएं और गंध न फैले. शरीर के कुछ हिस्सों को वह पहले ही फेंक चुका है.
मनोज के बयान पर पुलिस ने क्या कहा?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे इस एंगल से भी जांच करेंगे. बरामद अंगों को जांच के लिए जेजे अस्पताल भेज दिया गया है. जांच में चीजें और साफ होंगी. आरोपी मनोज साने ने जो दावे किए हैं, पुलिस उनसे सहमत नहीं है. पुलिस ने कहा कि मनोज बहुत शातिर है. वह पुलिस की जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. वह कई बार बयान बदल चुका है. आरोपी मनोज कई झूठे बयान भी दे रहा है. पुलिस बिना जांच पड़ताल या बिना सबूत के उसकी बातों पर विश्वास नहीं कर सकती.
पुलिस कराएगी DNA, बहनों से की जा रही पूछताछ
फोरेंसिक की मदद से पुलिस डीएनए मैच कराएगी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी मनोज साने ने सरस्वती के शरीर के कई टुकड़े कर दिए थे, जिसकी पहचान करना मुश्किल था. पुलिस ने कहा कि मनोज ने सरस्वती का सिर भी काट दिया था. शरीर के टुकड़ों को प्रेशर कुकर में उबाले जाने के कारण पहचान करना बहुत मुश्किल था. अब डीएनए टेस्ट अहम सबूत होगा. पुलिस अलग-अलग जगहों पर सरस्वती की बहनों के बयान दर्ज कर रही है.
पुलिस ने बताया कि आरोपी मनोज सरस्वती के साथ अक्सर मारपीट करता था. पुलिस बहनों से इस बात को लेकर भी पूछताछ कर रही हैं कि क्या उन्हें आरोपी मनोज के द्वारी की गई हत्या की जानकारी थी. सूत्रों ने कहा कि बहनें सरस्वती के संपर्क में थीं, लेकिन उन्हें सरस्वती ने कितना कुछ बताया, यह बयान महत्वपूर्ण है. सरस्वती की एक बहन को जेजे अस्पताल ले जाया जाता है, जहां सरस्वती के बरामद पार्ट्स को रखा गया है.
अहमदनगर कनेक्शन आया सामने
सरस्वती को कोर्ट के आदेश से वर्ष 2008 में अहमदनगर के जानकीबाई आप्टे बालिका आश्रम में भर्ती कराया गया था. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कोर्ट का आदेश क्या था. आश्रम में सरस्वती ने 10वीं तक की पढ़ाई की. आश्रम में उसका व्यवहार अच्छा था. जब उसे आश्रम में भर्ती कराया गया था, तब वह नाबालिग थी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून के अनुसार 18 वर्ष की उम्र होने के बाद वह आश्रम छोड़कर मुंबई आ गई.
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
सौरभ वक्तानिया