एक कैदी कम निकलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई. हाईलेवल जांच कमिटी बैठा दी गई. कैदी को ढूंढने पुलिस दल निकला भी, लेकिन इस बीच कैदी वापस जेल आ गया.
कैदी का नाम सलीम है. वह सेमी ओपन जेल में बंद था. रक्षाबंधन वाले दिन उसे अधिकारियों की गाड़ी साफ करने का काम दिया गया. लेकिन मौका पाते ही फ़रार हो गया. शाम के वक्त जब सेमी ओपन जेल के कैदियों की गिनती हुई तो उसमें एक कैदी कम निकला जिसके बाद इसके बारे में पता चला.
बताया जा रहा है कि सलीम पिछले करीब साढ़े 13 साल से जेल में है. वह हत्या और हत्या के कोशिश मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है. सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरनगर का रहने वाला सलीम अफसरों से नाराज़ था. क्योंकि उससे अफसरों की गाड़ियां साफ कराई जाती थी. इस बाबत वो कई बार शिकायत भी कर चुका था.
डीजी तिहाड़ अजय कश्यप के मुताबिक, सेमी ओपन जेल के कैदियों को कुछ रियायत दी जाती है. लेकिन समय सीमा के तहत यदि कैदी वापस नहीं आता तो कार्रवाई की जाती है.
सलीम का रिकॉर्ड जेल में काफी अच्छा रहा है. उसने इससे पहले कभी भी जेल नियमों का उल्लंघन नहीं किया था. लेकिन इस बार वो काफी नाराज था जिसकी वजह से उसने ये कदम उठाया.