मरकज में आए लोगों की लखनऊ से असम तक तलाश, महाराष्ट्र में भी मिले 10 विदेशी

देश में कोरोना वायरस के मामलों में आई तेजी के बीच दिल्ली की घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है. मरकज में मौजूद रहे सैकड़ों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से आए थे, जिनकी अब तलाश की जा रही है.

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देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले (फोटो: PTI) देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले (फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 3:38 PM IST

  • दिल्ली के मरकज में शामिल हुए लोगों की तलाश
  • असम से आए थे करीब 500 लोग
  • यूपी के बिजनौर-लखनऊ में की जा रही तलाश

राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मौजूद तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना पॉजिटिव लोगों के मिलने से अफरातफरी का माहौल है. दिल्ली सरकार के मुताबिक, यहां मौजूद कुल 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. लेकिन अब सरकार के सामने एक और संकट आ पड़ा है क्योंकि यहां मौजूद करीब एक हजार लोग देश के अलग-अलग इलाकों से आए थे जो वापस चले गए हैं. ऐसे में उन सभी को खोजने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाश जारी है.

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एक्शन में उत्तर प्रदेश की सरकार

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के करीब 18 जिलों के लोग निजामुद्दीन स्थित मरकज में गए थे. अब ये घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आई है और लोगों की तलाश शुरू हो गई है. सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस बारे में बैठक कर विचार विमर्श किया. यूपी में एजेंसियां इन लोगों की तलाश में जुट गई हैं.

बिजनौर के नगीना में इसी में शामिल 8 धर्म प्रचारक मिले, जो कि धार्मिक स्थल पर मौजूद थे. ये प्रचारक इंडोनेशिया से आए थे और दिल्ली-ओडिशा की सैर करने के बाद यहां बिजनौर पहुंचे थे.

बिजनौर पुलिस ने इन सभी को अब आइसोलेशन सेंटर भेज दिया है, इसके अलावा पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. प्रशासन ने महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. मौके पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है और हर तरीके से मामले को जांच रही है, इलाके को सैनिटाइज भी किया जा रहा है. बिजनौर के अलावा लखनऊ में भी इस मामले को लेकर तलाश जारी है.

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महाराष्ट्र में भी सामने आई कुछ ऐसी ही घटना

दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके की तरह ही महाराष्ट्र के अहमदनगर में ऐसी ही घटना देखने को मिली है. यहां नेवासा पुलिस ने दो लोगों पर मामला दर्ज किया है. मरकस के ट्रस्टियों पर आरोप है कि विदेश से आए दस लोगों की जानकारी प्रशासन को नहीं दी थी.

अब सभी को हिरासत में लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, पुलिस अभी इस बात की तलाश कर रही है कि इनका दिल्ली के मरकज मामले से कोई संबंध है या नहीं.

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असम से आए थे करीब 500 लोग

आपको बता दें कि दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में मौजूद तबलीगी जमात के मरकज में देश के करीब 19 राज्यों के लोग शामिल हुए थे. इनमें से करीब 456 लोग असम से आए थे, जिनको लेकर अब असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपील की है कि वो खुद सरकार से संपर्क करें.

मुख्यमंत्री के अलावा बीजेपी नेता शहनवाज़ हुसैन और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी लोगों से अपील की है कि वे खुद सरकार के सामने आए, ताकि कोरोना वायरस को लोगों में फैलने से रोका जा सके.

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गौरतलब है कि दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक, इस मरकज में करीब 1500 से 1700 लोग मौजूद थे. इनमें से 300 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 700 को क्वारनटीन किया गया है. यहां से वापस तेलंगाना लौटे 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक कश्मीर में व्यक्ति अपनी जान गंवा चुका है.

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