कोरोना से लड़ाई में तेजस्वी यादव की पहल, अपने कार्यकाल की आधी सैलरी करेंगे दान

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इससे पहले ही एक माह का वेतन और विधायक निधि फंड से 50 लाख की राशि उन्मूलन कोष में जमा करने की पहल कर चुके हैं. इतना ही नहीं उन्होंने राज्य सरकार को अपने सरकारी आवास को कोरोना पीड़ितों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड बनाने का सुझाव भी दिया था.

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कोरोना से लड़ाई में तेजस्वी दे रहे योगदान (फोटो-पीटीआई) कोरोना से लड़ाई में तेजस्वी दे रहे योगदान (फोटो-पीटीआई)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 10 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 7:39 PM IST

  • कोरोना से लड़ाई के लिए दी एक महीने की सैलरी
  • विधायक निधि फंड से 50 लाख भी दे चुके हैं

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अपने बचे हुए कार्यकाल का 50 फीसदी वेतन उन्मूलन कोष में देने की घोषणा की है. पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इससे पहले ही एक माह का वेतन और विधायक निधि फंड से 50 लाख की राशि उन्मूलन कोष में जमा करने की पहल कर चुके हैं. इतना ही नहीं उन्होंने राज्य सरकार को अपने सरकारी आवास को कोरोना पीड़ितों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड बनाने का सुझाव भी दिया था.

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जाहिर है इससे पहले नीतीश सरकार ने सभी विधायकों का 15 फीसदी वेतन काटकर कोरोना उन्मूलन कोष में जमा करने का ऐलान किया था. तेजस्वी यादव ने सरकार के इसी प्रस्ताव पर एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा, 'बिहार सरकार ने सभी विधायकों का 15 फीसदी वेतन काटकर कोरोना उन्मूलन कोष में जमा करने का निर्णय लिया है. मैं अपने बाकी बचे इस कार्यकाल तक अपने वेतन का 50 फीसदी कोरोना उन्मूलन कोष में देने की सहर्ष घोषणा करता हूं.'

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सलाह देते हुए कहा है, 'सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत विधायक निधि का 50 लाख रुपये कोरोना उन्मूलन कोष में लेने का जो निर्णय किया है, कृपया उसे एक करोड़ कर लिया जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विधायक निधि से लिए गए वह 1 करोड़, संबंधित विधायक के क्षेत्र या अनुमंडल में ही स्वास्थ्य उपकरणों और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हों.'

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तेजस्वी ने यह भी कहा है कि क्षेत्र की समस्याओं, समाधानों और मांगों की अधिकारियों से ज्यादा सटीक और वास्तविक जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को अधिक होती है. अतः आपसे आग्रहपूर्ण निवेदन है कि कोरोना से हर स्तर पर लड़ने में जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों और सार्वजनिक अनुभव को प्राथमिकता दी जाए.'

बिहार सरकार ने की 15 फीसदी कटौती

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्र की तर्ज पर बड़ा फैसला लिया. इस बैठक में नीतीश सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों के वेतन में एक साल तक 15 फीसदी की कटौती किए जाने का फैसला लिया है. मंत्री और विधायकों के वेतन कटौती से जमा हुई राशि को कोरोना संक्रमण उन्मूलन कोष में जमा किया जाएगा. नीतीश सरकार ने इसे अगले एक साल के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है.

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बता दें कि बिहार में विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री सभी का वेतन 40 हजार रुपये प्रति महीना है. इसी का 15 प्रतिशत अर्थात छह हजार हर माह इनके वेतन से कट जाएगा. इसके अलावा विधायकों को प्रतिमाह 50 हजार भत्ता मिलता है, जिससे कटौती नहीं की जाएगी. हालांकि मौजूदा सभी विधायकों का कार्यकाल दिसंबर, 2020 के पहले ही समाप्त हो रहा है. बिहार विधानमंडल में कुल 318 सदस्य हैं, जिनमें 243 विधानसभा सदस्य और 75 विधान परिषद सदस्य. ऐसे में सभी सदस्यों की 15 फीसदी कटौती के बाद एक साल में 2,28,96,000 करोड़ रुपये सरकार जुटाएगी.

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