कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में जो लॉकडाउन लगा है उसकी वजह से कई लोग जहां थे वहां पर ही फंस गए थे. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को गाइडलाइन्स जारी कीं और मजदूरों, बच्चों को वापस लाने की इजाजत दे दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जानकारी दी कि उनकी सरकार इस काम में जुट गई है.
अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को ट्वीट कर लिखा, ‘दिल्ली के जो छात्र कोटा में फंसे हुए हैं, दिल्ली सरकार उन्हें वापस लाने के इंतजाम करने में जुट गई है’.
गौरतलब है कि राजस्थान के कोटा में लाखों की संख्या में बच्चे कोचिंग लेते हैं, लॉकडाउन के बाद ये बच्चे यहां पर ही फंस गए थे. लॉकडाउन के दौरान कुछ राज्यों ने तो अपने बच्चों को स्पेशल परमिशन के तहत वापस ले आए थे.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
लेकिन दिल्ली, बिहार जैसे राज्यों ने केंद्र सरकार की अनुमति का इंतजार किया. अब जब मंजूरी मिल गई हैं, तो हर कोई इसको लेकर काम में जुट गया है.
कई अन्य राज्यों ने भी शुरू की तैयारी
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों ने भी अपने राज्य के मजदूरों, छात्रों या अन्य लोगों को वापस लाने की तैयारी शुरू कर दी है. कई राज्यों के लोग अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
कोरोना वायरस के कहर के कारण देश में तीन मई तक लॉकडाउन लागू हुआ है. 24 मार्च से जारी लॉकडाउन को 21 दिन के बाद बढ़ा दिया गया था. अब 3 मई के बाद फैसला होगा कि लॉकडाउन के साथ क्या होगा.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स के मुताबिक, सभी राज्यों को बसों के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मजदूरों को वापस ले जाना होगा. इसके अलावा क्वारनटीन जैसी सुविधाएं भी करने को कहा गया है.
aajtak.in