लद्दाख में कोरोना वायरस का कोहराम, निगरानी में कई गांव, मस्जिद में नमाज नहीं

लद्दाख में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के कई मामले सामने आए हैं. इसी वजह से प्रशासन ने एहतियातन एक पूरे इलाके को, जिसमें कई गांव शामिल हैं, निगरानी के लिए बाकी सबसे अलग कर दिया है.

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लद्दाख में कई गांवों को निगरानी के लिए कर दिया गया है अलग (फाइल फोटो: AP) लद्दाख में कई गांवों को निगरानी के लिए कर दिया गया है अलग (फाइल फोटो: AP)

शुजा उल हक

  • लेह,
  • 18 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 9:27 PM IST

  • करगिल की मस्जिदों में नमाज स्थगित रखने का फैसला
  • लद्दाख में सेना का एक जवान भी पाया गया है संक्रमित

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के एक पूरे क्षेत्र को ही पृथक कर दिया गया है. जिला प्रशासन के निर्देश पर करगिल सांकू क्षेत्र और आसपास के गांवों को अलग निगरानी में रखा जा रहा है. इस क्षेत्र में COVID-19 का एक पॉजिटिव केस सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर ये कदम उठाया गया है.

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सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में COVID-19 के कई संदिग्धों की होने की आशंका को देखते हुए उनके सेम्पल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं. लद्दाख में अब तक 8 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं.

वायरल को फैलने से रोकने के लिए लिया गया फैसला

करगिल के जिला अधिकारी की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है, "क्षेत्र को पृथक निगरानी में रखने का फैसला कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने, रोगियों की संख्या और मृत्यु दर कम रखने के मकसद से लिया गया."

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गौरतलब है कि लद्दाख में COVID-19 पॉजिटिव केस बीते कुछ दिन में बढ़े हैं. लेह में भारतीय सेना का एक जवान भी पॉजिटिव पाया गया है.

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कई गांव के लोगों की हो रही है निगरानी

छुट्टी पर चल रहा था संक्रमित जवान

लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश सरकार के सचिव रिजगिन सैम्फेल ने बताया, "सेना का एक जवान पॉजिटिव पाया गया. उसके पिता हाल में ईरान से लौटे थे और उनका सेम्पल पॉजिटिव निकला. शुक्र है कि ये जवान छुट्टी पर था और लद्दाख स्काउट्स के किसी और जवान के संपर्क में नहीं आया."

करगिल में मस्जिदों में नमाज रहेगी स्थगित

प्रशासन ने संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करना शामिल है. इस बीच धार्मिक संगठन 'अंजुमन जमीयत उलामा इसना अशरिया करगिल, लद्दाख' ने वायरस के खतरे को देखते हुए करगिल में मस्जिदों में शुक्रवार और अन्य दिनों को पढ़ी जाने वाली नमाज को भी स्थगित कर दिया है. करगिल में ऐसा पहली बार हुआ है.

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