असम सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के पहले चार महीने यानी कि अप्रैल से जुलाई तक के लिए विधायक निधि को जारी करने पर रोक लगा दी है. ये रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी. असम के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि जिस तरह से हेल्थ सेक्टर में संकट आया है उसी तरह से इकोनॉमी पर भी आर्थिक संकट मंडरा रहा है. इसलिए राज्य सरकार के खर्च को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है ताकि प्रशासनिक मशीनरी भी चलती रहे और राज्य के खजाने पर ज्यादा बोझ न पड़े.
तनख्वाह में 25 फीसदी की कटौती
राज्य सरकार के निर्णयों को बताते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट को देखते हुए असम सरकार ने सभी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, निगम और बोर्ड के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की तनख्वाह में 25 फीसदी की कटौती की है. ये कटौती 1 मई से लागू होगी. हालांकि राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी जारी कर दी है.
इससे पहले असम के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपनी सैलरी का तीस प्रतिशत हिस्सा मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का ऐलान किया था. वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को हर महीने राज्य सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए 3,600 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ती है.
वाहनों की खरीदारी पर रोक
राज्य सरकार ने अगले आदेश तक नए वाहनों की खरीदारी पर रोक लगा दी है, हालांकि एम्बुलेंस और पुलिस सेवा के लिए काम आने वाले वाहनों पर ये आदेश लागू नहीं होगा.
पांच सितारा होटलों में मीटिंग, कॉन्फ्रेंस नहीं
राज्य सरकार ने पांच सितारा होटलों में मीटिंग, कॉन्फ्रेंस पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार के अधिकारी विदेशों में कोई भी ऐसी ट्रेनिंग/मीटिंग/वर्कशॉप/सेमिनार नहीं करेंगे जिसका खर्चा राज्य सरकार को उठाना पड़ता है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें
कॉन्फ्रेंस/वर्कशॉप/सेमिनार के आयोजन में कम से कम खर्च किया जाएगा. इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ऐसा कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा जहां लोगों को व्यक्तिगत रूप से मौजूद होने की जरूरत पड़े.
हेमंत कुमार नाथ