DRDO ने तैयार किया बॉयो सूट, मेडिकलकर्मियों के लिए बनेगा सुरक्षा कवच

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की ओर से बॉडी सूट के लिए निर्धारित सुरक्षा मानदंडों से अधिक सुरक्षा इस बॉयो सूट में है. डीआरडीओ ने पहले भी सेना के लिए खास सूट तैयार कर चुका है.

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कोरोना से लड़ रहे मेडिकलकर्मियों के लिए बना खास सूट (फाइल-pti) कोरोना से लड़ रहे मेडिकलकर्मियों के लिए बना खास सूट (फाइल-pti)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 3:11 PM IST

  • कोरोना से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा यह सूट
  • NDRF के लिए DRDO ने तैयार की खास ड्रेस

देश के प्रमुख रक्षा संगठन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने कोरोना के खिलाफ संघर्ष कर रहे मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य कर्मियों को खतरनाक कोरोना वायरस से बचाने के लिए बॉयो सूट तैयार किया है.

डीआरडीओ के कई प्रयोगशालाओं में रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) को तैयार करने के लिए टेक्सटाइल, कोटिंग और नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बॉयो सूट तैयार किया है. अब इस सूट को बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी चल रही है. टेक्सटाइल मापदंडों पर खरा उतरने के लिए कठोर टेस्टिंग के साथ-साथ सिंथेटिक ब्लड से भी सुरक्षा के लिहाज से इसे तैयार किया गया है.

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की ओर से बॉडी सूट के लिए निर्धारित सुरक्षा मानदंडों से अधिक इस बॉयो सूट में सुरक्षा है. डीआरडीओ ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ प्रभावशाली तरीके से बचाने के लिए तैयार किए गए सूट को शानदार करार दिया है.

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डीआरडीओ यह सुनिश्चित करने के लिए जोरदार प्रयास कर रहा है कि इन सूटों को बड़ी संख्या में उत्पादित किया जाए और कोरोना का मुकाबला करने वाली अग्रिम पंक्ति में शामिल मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य कर्मियों की जीवन रक्षा की जा सके.

सेना के लिए तैयार किया पर्मीअबल सूट

उद्योग जगत बड़ी मात्रा में सूट के उत्पादन के लिए तैयार है. मेसर्स कुसुमगढ़ इंडस्ट्रीज कच्चे माल, कोटिंग सामग्री का उत्पादन कर रही है, जिससे पूरा सूट दूसरे विक्रेता की मदद से तैयार किया जा सके. वर्तमान में इस सूट की उत्पादन क्षमता 7,000 सूट प्रतिदिन है.

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इसी तरह परिधान प्रौद्योगिकी में अनुभव रखने वाला एक अन्य वेंडर का दावा है कि वह प्रतिदिन 15 हजार सूट तैयार करने की तैयारी में लगा है. देश में बॉयो सूट डीआरडीओ अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर तैयार करवाता है.

DRDO इससे पहले रक्षा मंत्रालय के लिए रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) एजेंटों के खिलाफ कई उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का विकास कर चुका है. DRDO की एक प्रयोगशाला रक्षा अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (DRDE) ग्वालियर, केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) 3 हजार पर्मीएबल सूट तैयार करके सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को सप्लाई कर चुका है.

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