बिकने से ठीक पहले इस सरकारी बैंक ने दी खुशखबरी, क्या भर जाएगी सरकार की झोली?

सरकार अगले वित्त वर्ष में IDBI Bank का विनिवेश कर देगी. बैंक में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने रुचि दिखाई. सरकार और जीवन बीमा निगम (LIC) दोनों मिलकर IDBI Bank बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.

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IDBI बैंक के शानदार नतीजे! IDBI बैंक के शानदार नतीजे!

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:01 AM IST

सरकार की लिस्ट में कई सरकारी बैंक हैं, जिनका निजीकरण होना है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम IDBI Bank का है. सरकार अगले वित्त वर्ष में इसका विनिवेश कर देगी. लेकिन इस बीच IDBI बैंक ने शानदार नतीजे पेश किए हैं. बैंक मुनाफे में लगातार तिमाही दर तिमाही इजाफा हो रहा है. 
 
आईडीबीआई बैंक को तीसरी तिमाही (IDBI Q3 Result) में शुद्ध लाभ 60 फीसदी बढ़कर 927 करोड़ रुपये हुआ है. बैंक ने सोमवार को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में कहा कि वित्तीय प्रावधान में कमी और ब्याज आय बढ़ने से उसका लाभ बढ़ा है. एक साल पहले की समान तिमाही में बैंक ने 578 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था.

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IDBI बैंक को जोरदार मुनाफा  

अक्टूबर-दिसंबर, 2022 तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 23 फीसदी बढ़कर 2,925 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,383 करोड़ रुपये थी. वहीं बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) सुधार में दर्ज की गई है. तीसरी तिमाही में NPA सुधरकर 13.82 फीसदी रही. जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 21.68 फीसद था. 

NPA में सुधार की वजह से बैंक को इस तिमाही में फंसे कर्जों के लिए केवल 233 करोड़ रुपये का ही वित्तीय प्रावधान करना पड़ा, जबकि दिसंबर, 2021 की तिमाही में यह राशि 939 करोड़ रुपये थी. बैंक की आर्थिक सेहत में सुधार सरकार को विनिवेश (Divestment) से अच्छी-खासी रकम मिल सकती है.

IDBI बैंक सरकार और LIC की हिस्सेदारी 

बता दें, सरकार और जीवन बीमा निगम (LIC) दोनों के पास आईडीबीआई बैंक में 94.71 फीसदी की हिस्सेदारी है. सरकार ने 7 अक्टूबर 2022 को आईडीबीआई बैंक के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं. खबर है कि 60.72 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए संभावित निवेशकों से रुचि पत्र मंगाए गए हैं. 

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इस बैंक में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने रुचि दिखाई है. पिछले दिनों डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के सचिव तुहिन कांता पांडे ने न्यूज एजेंसी रायटर्स को बताया कि IDBI Bank में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने रुचि दिखाई है. इससे पहले डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट ने कहा था कि संभावित खरीदारों के पास 22,500 करोड़ रुपये की न्यूनतम नेटवर्थ होनी चाहिए.

अगले वित्त वर्ष में विनिवेश का लक्ष्य

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने फरवरी 2021 में बजट पेश करते हुए IDBI बैंक के अलावा दो और सरकारी बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था. लेकिन कोरोना संकट की वजह से कामयाबी नहीं मिल पाई. अब एक बार फिर सरकार तेजी से विनिवेश के मोर्चे पर आगे बढ़ रही है.

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