चेक बाउंस मामलों से निपटने के नए नियम जारी

चेक बाउंस से जुड़े मामलों को दायर करने की यह नई व्यवस्था शुरू की गई है. इन नियमों के मुताबिक अब चेक बाउंस से जुड़े मामले उसी क्षेत्र की अदालत में दायर किए जाएंगे जहां चेक को क्लीयरेंस के लिए पेश किया गया.

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चेक बाउंस के करीब 18 लाख मामले लंबित चेक बाउंस के करीब 18 लाख मामले लंबित

स्वाति गुप्ता / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 12:07 PM IST

सरकार ने चेक बाउंस के मामलों से निपटने के नए नियम जारी कर दिए हैं. इन नियमों के मुताबिक अब चेक बाउंस से जुड़े मामले उसी क्षेत्र की अदालत में दायर किए जाएंगे जहां चेक को क्लीयरेंस के लिए पेश किया गया. इससे पहले इन्हें चेक जारी करने वाले स्थान में दायर करना होता था.

नई व्यवस्था शुरू
सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (अमेंडमेंट) बिल 2015 को अधिसूचित कर दिया है. इसके तहत ही चेक बाउंस से जुड़े मामलों को दायर करने की यह नई व्यवस्था शुरू की गई है. संसद के पिछले महीने संपन्न शीतकालीन सत्र में यह संशोधन पारित किया गया.

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15 जून 2015 से लागू
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (अमेंडमेंट) एक्ट 2015 के प्रावधान 15 जून 2015 से लागू माने जाएंगे, इसी दिन इस संबंध में अध्यादेश जारी किया गया था, जिसमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 को आगे और संशोधित किया गया था.

चेक बाउंस के करीब 18 लाख मामले लंबित
देशभर में चेक बाउंस के करीब 18 लाख मामले लंबित हैं जिनमें से करीब 38 हजार मामले उच्च न्यायालयों में लंबित हैं. इनमें जहां चेक से राशि प्राप्त नहीं हो पाई इनसे जुड़े लोगों को चेक जारी करने वाले स्थान तक पहुंचने के लिए काफी दूर यात्रा करनी पड़ती है.

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