मलेशिया से रिफाइंड पाम ऑयल आयात पर रोक, मोदी सरकार की आलोचना है वजह?

भारत सरकार ने मलेशिया के रिफाइंड पाम ऑयल और पामोलिन के आयात पर रोक लगा दी है. सूत्रों के मुताबिक यह कदम मलेशिया द्वारा कश्मीर और नागरिकता कानून (CAA) पर मोदी सरकार की आलोचना के जवाब में उठाया गया है.

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रिफाइंड पाम ऑयल के आयात पर रोक (फोटो: IANS) रिफाइंड पाम ऑयल के आयात पर रोक (फोटो: IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

  • मलेशिया के रिफाइंड पाम ऑयल और पामोलिन के आयात पर लगी रोक
  • मलेशिया ने कश्मीर और CAA पर मोदी सरकार की आलोचना की थी

  • इससे मलेश‍िया को भारी नुकसान होगा, जो सबसे बड़ा सप्लायर है

भारत सरकार ने मलेशिया के रिफाइंड पाम ऑयल और पामोलिन के आयात पर रोक लगा दी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह कदम मलेशिया द्वारा कश्मीर और नागरिकता कानून (CAA) पर मोदी सरकार की आलोचना के जवाब में उठाया गया है. हालांकि क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का आयात मलेशिया से जारी रहेगा.

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि मलेशिया से रिफाइंड पाम ऑयल के निर्यात को 'मुक्त' (Free) से हटाकर 'वर्जित' (Restricted) श्रेणी में रखा गया है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि यह आदेश एक तरह से मलेशिया से रिफाइंड ऑयल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध ही है. इससे मलेश‍िया को भारी नुकसान होगा.

मलेशिया अभी भारत में रिफाइंड पाम ऑयल और पामोलिन का मुख्य सप्लायर है. मलेशिया से आयात पर रोक लगाने का सबसे ज्यादा फायदा इंडोनेशिया को होगा जो भारत में क्रूड पाम ऑयल का सबसे बड़ा सप्लायर है. पामोलिन का इस्तेमाल खाना पकाने के तेल के रूप में किया जाता है.

क्या कहा था मलेश‍िया के पीएम ने

गौरतलब है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने हाल में कश्मीर और सीएए को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना की थी. महातिर ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि भारत ने कश्मीर पर 'कब्जा' किया है. दिसंबर में नए नागरितका कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के मौके पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार अशांति को बढ़ावा दे रही है.

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भारत सरकार ने इसी हफ्ते पाम ऑयल रिफाइनर्स और कारोबारियों को अनौपचारिक सलाह दी थी कि वे मलेशिया से पाम ऑयल खरीदने से बचें.

किसे होगा फायदा

सरकार के इस कदम से भारतीय कारोबारी खुश ही होंगे क्योंकि भारतीय वेजेटेबल ऑयल के रिफाइनर्स का इससे कारोबार बढ़ेगा. इस नोटिफिकेशन के तत्काल बाद ही भारतीय क्रूड पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सरसों तेल का दाम बढ़ गया है.

मलेश‍ि‍या काे लगेगी तगड़ी चपत

जानकारों का कहना है कि इससे मलेशिया को काफी नुकसान होगा. पहले भारत में पाम ऑयल का सबसे बड़ा सप्लायर इंडोनेशिया था, लेकिन रिफाइंड पाम ऑयल पर टैक्स घटाकर मलेशिया इसमें बाजी मार ले गया और 2019 में सबसे बड़ा सप्लायर बन गया. मलेशिया के लिए पाम ऑयल कारोबार कितना महत्वपूर्ण है इसे इस बात से ही समझ सकते हैं कि इसका वहां की जीडीपी में 2.5 फीसदी और कुल निर्यात में 4.5 फीसदी हिस्सा है.

भारत के कुल खाद्य तेल कारोबार में पाम आयल का करीब दो-तिहाई है. भारत में हर साल करीब 90 लाख टन पाम ऑयल आयात होता है.

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