मुंबई की एक विशेष अदालत ने येस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की हिरासत की अवधि बुधवार को 16 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है. इस बीच, राणा कपूर ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सफाई देते हुए कहा है कि येस बैंक की वर्तमान हालत के लिए नया मैनेजमेंट जिम्मेदार है. राणा कपूर के मुताबिक वह येस बैंक की हालत को लेकर चिंतित थे और यही वजह है कि आरबीआई और वित्त मंत्रालय के संपर्क में थे.
खत्म हो रही थी हिरासत की अवधि
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राणा कपूर को हिरासत में लिया है. राणा कपूर की हिरासत अवधि 11 मार्च तक की थी. समयसीमा समाप्त होने से पहले बुधवार को ईडी ने राणा कपूर को न्यायमूर्ति पी.पी. राजवैद्य की विशेष अदालत में पेश किया. इस दौरान ईडी ने अदालत से हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की.
ईडी ने क्या दिए तर्क?
सुनवाई के दौरान विशेष अदालत को ईडी ने बताया कि कपूर ने अपने कार्यकाल में विभिन्न निकायों को 30 हजार करोड़ रुपये के कर्ज आवंटित किए. ईडी ने कहा, ‘‘इनमें से 20 हजार करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए बन गए. हमें इसकी गहराई से जांच करनी है कि इन पैसों का किस तरह हेर-फेर हुआ.’’ इसके बाद अदालत ने ईडी की मांग पर हिरासत अवधि को 16 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया.
समीक्षा करेगा आईसीएआई
इस बीच, चार्टर्ड एकाउंटेंट के शीर्ष निकाय आईसीएआई ने बताया है कि वह खुद येस बैंक के वित्तीय ब्योरे की समीक्षा करेगा. आईसीएआई का वित्तीय रिपोर्टिंग समीक्षा बोर्ड (एफआरआरबी) येस बैंक के 2017-18 और 2018-19 के वित्तीय लेखा की समीक्षा करेगा.
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संस्थान ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘‘अगर एफआरआरबी को नियमों के अनुपालन को लेकर कोई गंभीर खामी का पता चलता है, वह ऑडिटर के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने को लेकर मामले को आईसीएआई के निदेशक (अनुशासन) को भेजेगा.’’
दिव्येश सिंह