आम बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बैंक प्रमुखों के साथ बैठक की. इस बैठक में बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. इस दौरान वित्त मंत्री ने ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म eBक्रय (eBkray) को लॉन्च किया. इस प्लेटफॉर्म पर कर्ज न चुका पाने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा जब्त की गई संपत्ति की नीलामी होगी.
इस नए प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी सर्च और बैंकों की ई-ऑक्शन साइट्स का लिंक का विकल्प उपलब्ध कराया गया है. नीलाम की जाने वाली सभी संपत्तियों की जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को निर्देश दिया कि वह भ्रष्टाचार को लेकर उनके अधिकारियों के खिलाफ दर्ज सतर्कता संबंधी मामलों का जल्द से जल्द निपटान करें. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एक जनवरी से भुगतान के कुछ चुनिंदा तरीकों में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लागू नहीं होगा.
वित्त मंत्री ने जुलाई में पेश अपने पहले बजट भाषण में देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिये एमडीआर शुल्क हटाने का प्रस्ताव किया था. उन्होंने कहा था, ‘इसलिये मैं यह प्रस्ताव करती हूं कि 50 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना कारोबार करने वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठान अपने ग्राहकों को इस तरह की कम लागत वाले डिजिटल भुगतान के तरीकों की पेशकश करेंगे. ऐसा करते समय ग्राहकों और व्यवसायियों पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट अथवा कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा.
निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘लोग जब इस तरह के डिजिटल भुगतान के तौर तरीकों को अपनाना शुरू कर देंगे तो इस तरह के लेनदेन पर आने वाली लागत को रिजर्व बैंक और बैंक मिलकर वहन करेंगे. बैंकों और रिजर्व बैंक को कम नकदी के रखरखाव और कारोबार से जो बचत होगी उससे डिजिटल भुगतान की लागत का वहन किया जाएगा. ’’
aajtak.in