प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है. आज भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है. इससे किसानों को नए विकल्प और नए बाजार मिलेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की मंडियों का आधुनिकीकरण हो रहा है. फसलों को मंडी के साथ बाजार में बेचने का विकल्प मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में चौतरफा रिफॉर्म्स किए गए हैं. आज भारत में कॉरपोरेट टैक्स दुनिया में सबसे कम है. इंस्पेक्टर राज और टैक्स के जंजाल को पीछे छोड़कर भारत अपने उद्यमियों पर भरोसा कर रहा है और आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि जब एक सेक्टर विकसित करता है तो उसका विकास दूसरे सेक्टरों पर भी पड़ता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेती में जितना निजी क्षेत्र के द्वारा निवेश किया जाना चाहिए था उतना निवेश नहीं किया गया. निजी क्षेत्र ने कृषि क्षेत्र को एक्सप्लोर नहीं किया. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निजी कंपनियां अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें और भी अच्छा काम करने की जरूरत है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 6 सालों में दुनिया ने भारत में गजब का विश्वास दिखाया है. और ये विश्वास पिछले 6 महीनों में और भी मजबूत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि चाहे वो FDI हो या फिर FPI विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया और आगे भी कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधारों की चर्चा करते हुए कहा कि नए कृषि सुधारों से किसानों को फायदा होने वाला है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि से जुड़े सारी चीजों से दीवारें हटा रहे हैं. नए कृषि कानून से किसानों को नए बाजार मिलेंगे. नए कृषि कानूनों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निवेश से किसानों को बहुत फायदा होगा, उन्हें नए विकल्प मिलेंगे, नए बाजार मिलेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी के समय भारत ने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भारत ने जो फैसले लिए उससे पूरी दुनिया चकित है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने FICCI के 93वें वार्षिक वर्चुअल एक्सपो का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि साल 2020 ने सभी को मात दे दिया. लेकिन अच्छी बात ये है कि जितनी तेजी से हालात बिगड़े उतनी ही तेजी से सुधर भी रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी FICCI के इस संबोधन में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन पर भी अपनी राय रख सकते हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने कृषि कानूनों की जोरदार पैरवी की है. 30 नवंबर को पीएम मोदी ने कहा था कि नए कृषि सुधारों से किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और छल से, धोखे से कानूनी संरक्षण भी मिला है.
पीएम ने तब कहा था कि अगर किसान को कोई ऐसा खरीदार मिल जाए, जो सीधा खेत से उपज उठाए, जो ट्रांसपोर्ट से लेकर लॉजिस्टिक्स का हर प्रबंध करे और बेहतर कीमत दे, तो क्या किसानों को इसकी आजादी नहीं मिलनी चाहिए?
उन्होंने कहा था कि पहले सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था तो उसका विरोध होता था. लेकिन बीते कुछ समय से विरोध का आधार आशंकाओं को बनाया जा रहा है. जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर भ्रम फैलाया जाता है. कृषि कानून में भी यही हो रहा है.
इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 10 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं. तीन दिनों तक चलने वाले इस वर्चुअल मीटिंग में कई केंद्रीय मंत्री, ब्यूरोक्रेट, इंडस्ट्री लीडर्स, डिप्लोमैट, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं.
कोरोना महामारी की वजह से इस कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन किया जा रहा है. इस प्रोग्राम में दुनिया भर की नामी गिरामी कंपनिया अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगी. पीएमओ के मुताबिक इस बार फिक्की के इस बार के आयोजन का थीम 'Inspired India' है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी FICCI की 93वीं वार्षिक आम बैठक में किसानों के मुद्दे पर बोल सकते हैं. दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर पिछले 16 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है. शनिवार को 17वें दिन किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाइवे को ब्लॉक करने की चेतावनी दी है. इस दौरान किसान जिला कलेक्टर, बीजेपी नेताओं के घरों के सामने प्रदर्शन करेंगे तो टोल प्लाज भी जाम करेंगे.
इस सम्मेलन में शामिल होने वाले विभिन्न हितधारक भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोविड़-19 महामारी के प्रभाव, सरकार द्वारा सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों और आगे के रास्ते पर विचार-विमर्श करेंगे. FICCI की वार्षिक प्रदर्शनी शुक्रवार से शुरू होगी और एक साल तक चलेगी.
पीएम मोदी इस अवसर पर 'प्रेरित भारत' बनाने में उद्योग जगत की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा करेंगे. यह बैठक 11, 12 और 14 दिसंबर को आयोजित हो रही है. इसका विषय ‘प्रेरित भारत’ है. इस कार्यक्रम में कई मंत्री, उद्योग जगत की नामचीन हस्तियां, राजनयिक, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे.