खस्ताहाल दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के बारे में निरंतर नए खुलासे हो रहे हैं. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी इकबाल मिर्ची से कंपनी के कथित रिश्ते की प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है. इस बीच KPMG के एक फॉरेंसिक ऑडिट में यह खुलासा हुआ है कि DHFL ने करीब 25 ऐसी ग्रुप कंपनियों को 14,000 करोड़ रुपये का लोन दिया है जिनका औसतन मुनाफा 1 लाख रुपया ही रहा है.
यानी इसमें कोई बड़ा खेल लग रहा है, ये शेल कंपनियां हो सकती हैं. बिजनेस अखबार मिंट के अनुसार, केपीएमजी के ऑडिट की ड्राफ्ट रिपोर्ट को पिछले हफ्ते डीएचएफएल की कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) के साथ साझा किया गया है. इसे अंतिम रूप देने के बाद बोर्ड ऑफ मोर्टगेज लेंडर को पेश किया जाएगा.
इस साल फरवरी में वित्त मंत्रालय ने डीएचएफएल को कर्ज देने वाले तीन बड़े बैंकों- बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया था कि वे कंपनी में फंड की हेराफेरी के कथित आरोपों की फॉरेंसिक ऑडिट करें. न्यूज पोर्टल कोबरापोस्ट की एक स्टिंग में यह आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने कॉरपोरेट मंत्रालय को जरूरी जानकारी दिए बिना बड़े लोन मंजूर किए हैं. कंपनी के प्रमोटर वधावन परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत फायदों के लिए शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाकर बड़े पैमाने पर फंड की हेराफेरी की है. इस पूरे खेल में करीब 31,000 करोड़ रुपये का घपला होने का आरोप है.
फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि उक्त 25 समूहों पर कंपनी का बकाया कर्ज करीब 13,000 करोड़ रुपये का है. इनमें से 15 कंपिनयों को दिया गया 7,000 करोड़ रुपये का लोन गैर निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) में नहीं बदला गया, जबकि उनका बकाया काफी समय से लंबित है. इन ग्रुप कंपनियों ने कुछ दूसरी कंपनियों के प्रीफरेंस शेयरों की खरीद के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
एक और खुलासा यह हुआ है कि डीएचएफएल ने बैंकों से जो 27,000 करोड़ रुपये का लोन अपने ग्राहकों को होम लोन लेने के लिए लिया है, उसमें से करीब 10,050 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंडों में निवेश कर दिए हैं. गौरतलब है कि 6 जुलाई तक डीएचएफएल के ऊपर कुल कर्ज 83,873 करोड़ रुपये का था, जिसमें से 38,000 करोड़ रुपये उसे बैंकों को देने हैं.
क्यों पड़ा कंपनी के ठिकानों पर छापा
डीएचएफएल के ठिकानों पर हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है. ये छापेमारी डीएचएफएल के मुंबई स्थित अलग-अलग ठिकानों पर की गई है. आरोप है कि डीएचएफएल के सनब्लिंक रियल एस्टेट कंपनी से कारोबारी संबंध हैं. इसके मुताबिक डीएचएफएल ने रियल एस्टेट कंपनी को 2,186 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था. यह कर्ज अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मिर्ची को ट्रांसफर हुआ. इस मामले में सनब्लिंक रियल एस्टेट भी जांच के घेरे में है. बहरहाल, ईडी दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर साक्ष्य की तलाश कर रही है.
घाटे में चल रही कंपनी
ईडी की सख्ती ऐसे समय में बढ़ी है जब डीएचएफएल ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है. इसके मुताबिक कंपनी को जून तिमाही में 242.48 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. इससे पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि में कंपनी को 431.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. समीक्षावधि में कंपनी की कुल आय घटकर 2,399.84 करोड़ रुपये रही. इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,154.25 करोड़ रुपये था.
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