चीन के समर्थन वाले इस बैंक ने भारत के लिए 75 करोड़ डॉलर का लोन किया मंजूर

इस प्रोजेक्ट का सह-वित्तपोषण एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा किया जा रहा है. AIIB ने एक बयान में कहा कि इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य कारोबारियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने, जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार और देश के हेल्थकेयर सिस्टम का विस्तार करना है.

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AIIB देगा भारत को लोन AIIB देगा भारत को लोन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2020,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक देगा भारत को लोन
  • कोरोना से निपटने के लिए 75 करोड़ डॉलर के लोन को मंजूरी

चीन की बैकिंग वाले एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (AIIB) ने कोरोना संकट से निपटने में मदद करने की खातिर भारत के लिए 75 करोड़ डॉलर (करीब 5720 करोड़ रुपये) का लोन मंजूर किया है.

इस प्रोजेक्ट का सह-वित्तपोषण एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा किया जा रहा है. AIIB ने एक बयान में कहा कि इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य कारोबारियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने, जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार और देश के हेल्थकेयर सिस्टम का विस्तार करना है.

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गौरतलब है कि इसके पहले मई महीने में भी AIIB ने भारत के लिए 50 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर किया था. AIIB ने यह घोषणा की है कि वह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए 10 अरब डॉलर तक की फंडिंग करेगा. भारत को AIIB ने अब तक कुल 3.6 अरब डॉलर का लोन दे रखा है.

क्या कहा AIIB ने

AIIB के वाइस प्रेसिडेंट डीजे पांडियन ने कहा, 'दुनिया के कई कम या मध्यम आय वर्ग के देश अब भी इस संकट से निपटने के शुरुआती चरण में हैं और वे इस महामारी का असर महसूस करने लगे हैं.' उन्होंने कहा कि इस मदद से यह सुनिश्चित होगा कि भारत ऐसी आर्थिक गतिविधियां चला सके जिससे उत्पादक क्षमता को लांग टर्म नुकसान न होने पाए.

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AIIB आमतौर पर इस तरह के लोन नहीं देता, लेकिन वह वर्ल्ड बैंक या एडीबी के साथ सह-वित्तपोषण में अपने सदस्य देशों की कोरोना से निपटने में मदद के लिए असाधारण कदम उठा रहा है.

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क्या करता है बैंक

गौरतलब है कि एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (AIIB) एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग देना है. बैंक के फिलहाल 78 सदस्य हैं.

इस बैंक का मुख्यालय चीन के बीजिंग में ही है और इसकी स्थापना 2015 में की गई थी. इस बैंक की स्थापना के पीछे मुख्यरूप से चीन ही है और उसी ने इसके गठन का प्रस्ताव रखा था. ऐसा माना जाता है कि चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को वित्तपोषित करने के लिए इस बैंक की स्थापना की गई है.

(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)

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